
जेईई मेंस में कम उपस्थिति से बढ़ी चिंता, पहले दिन परीक्षा केंद्र पर ऐसा था नजारा, छात्रों ने दिया ये रिएक्शन
लखनऊ. कोरोना खौफ के बीच लंबे विरोध के बाद एक सितंबर से संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) मेन्स (JEE Mains) की शुरुआत हो गई है। पहले दिन कई परीक्षा केंद्र छात्रों की स्थिति से नदारद रहे। दूर सेंटर मिलना और संक्रमण की चपेट में आने के डर से कई छात्रों ने परीक्षा ही छोड़ दी। लिहाजा पहले दिन परीक्षार्थियों की संख्या कम रही। परीक्षार्थियों की संख्या कम होने के कारण परीक्षा सिर्फ तीन केंद्रों पर हुई। परीक्षा दे रहे परीक्षार्थियों के चेहरे पर कोरोना का खौफ साफ नजर आ रहा था। बता दें कि जेईई की परीक्षा सात सितंबर तक चलेगी।
सावधानी के साथ खौफ के बीच दी परीक्षा
जिन केंद्रों पर परीक्षार्थी मौजूद रहे वहां कोरोना का खौफ उनके चेहरे पर साफ नजर आ रहा था। कई छात्र सैनिटाइजर और मास्क के साथ परीक्षा केंद्र पर पहुंचे। परीक्षा हॉल में भी मास्क लगाकर बैठे रहे। पहले दिन छात्रों की उपस्थिति भी कम रही। राजधानी लखनऊ में 44 प्रतिशत परीक्षार्थी परीक्षा देने नहीं आए। जिला प्रशासन की मानें तो करीब 1065 परीक्षार्थियों को शामिल होना था। उपस्थिति 597 की रही।
छात्रों का रिएक्शन
जेईई परीक्षा में बैठने वाले उत्तर प्रदेश के एक छात्र ने बताया कि गणित सेक्शन थोड़ा कठिन था। रायबरेली के उत्कर्ष साहू ने कहा, "गणित के कुछ सवालों को छोड़कर पेपर अच्छा चला गया।" उन्होंने यह भी शिकायत की कि अधिकारियों को छात्रों के परिवहन के लिए पर्याप्त व्यवस्था करनी चाहिए थी।
लखनऊ पब्लिक स्कूल के शशवत सिंह को लगा कि पेपर कठिन नहीं है और उनके पास पेपर पूरा करने के लिए पर्याप्त समय है। लखनऊ की अदिति भी अपने पेपर से संतुष्ट थीं। वह खुश थीं कि आखिरकार परीक्षा आयोजित हुई और अब वह पूरी तरह से फ्री हो गई हैं। इसी के साथ अदिति सरकार की ओर से जारी सुरक्षा प्रोटोकॉल से खुश थीं जो परीक्षा केंद्र में लागू किए जा रहे हैं।
हालांकि, कुछ ने इसके विरुद्ध अपना पक्ष रखा। लखनऊ के रानी लक्ष्मीबाई सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मानस मणि और उनके दोस्त दिव्यांश सिंह ने कहा कि परीक्षा में और देरी हो सकती है क्योंकि छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
Updated on:
02 Sept 2020 12:40 pm
Published on:
02 Sept 2020 12:40 pm
