Jitin Prasad in BJP: कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए जितिन प्रसाद, यूपी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा का बड़ा दांव

Jitin Prasad in BJP: जितिन प्रसाद को शामिल कराकर बीजेपी ब्राह्मणों के बीच बड़ा संदेश देना चाहती है।

लखनऊ. Jitin Prasad in BJP: ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की टीम से एक और बड़ा नेता भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुआ है। कांग्रेस (Congress) नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद भी आज भाजपा में शामिल हो गए। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने जितिन प्रसाद को भाजपा में शामिल करवाया। जानकार 2022 के विधानसभा चुनाव (UP Assembly election 2022) से पहले इसे उत्तर प्रदेश की सियासत में बड़ा उलटफेर मान रहे हैं। क्योंकि बीजेपी से ब्राह्मणों का एक बड़ा तबका नाराज है। यह नाराजगी खासतौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) से है। ऐसे में जितिन प्रसाद को शामिल कराकर बीजेपी ब्राह्मणों के बीच बड़ा संदेश देना चाहती है।

बीजेपी के हुए जितिन प्रसाद

कांग्रेस पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए जितिन प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की और उन्हें देशहित में काम करने वाला नेता बताया। इसके साथ ही अपनी पुरानी पार्टी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए जितिन ने कहा कि बीजेपी के अलावा सभी राजनीतिक दल अब व्यक्ति या क्षेत्र विशेष के ही होकर रह गए हैं। उन्होंने कहा कि देशहित में अगर कोई पार्टी और नेता काम कर रहे हैं तो वे बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी हैं। जितिन प्रसाद ने कहा कि मेरा कांग्रेस पार्टी से तीन पीढ़ियों का साथ रहा है और लंबे मंथन के बाद मैं बीजेपी में आया हूं। सवाल यह नहीं है कि मैं किस दल को छोड़कर आ रहा हूं। सवाल यह है कि मैं किस दल में और क्यों जा रहा हूं।

बीजेपी ही संस्थागत दल

जितिन प्रसाद ने कहा कि मैंने देश भर में लोगों की राय को समझते हुए यह जाना कि बीजेपी ही सही मायनों में संस्थागत दल है। जितिन प्रसाद ने कहा कि मैंने बीते 8 से 10 सालों में देश भर में घूमकर लोगों की राय लेकर यह जाना है कि यदि सही मायनों में कोई दल है तो वह भाजपा है। आज बाकी सभी दल व्यक्ति या फिर क्षेत्र विशेष के हो गए हैं।

जितेंद्र प्रसाद के बेटे हैं जितिन प्रसाद

आपको बता दें कि जितिन प्रसाद कांग्रेस के दिग्गज नेता जितेंद्र प्रसाद के बेटे हैं। जितेंद्र प्रसाद दो प्रधानमंत्रियों (राजीव गांधी और पीवी नरसिम्हाराव) के राजनीतिक सलाहकार थे। 2000 में जितेंद्र प्रसाद ने कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव सोनिया गांधी के खिलाफ लड़े थे, लेकिन वह हार गए थे। 2001 में जितेंद्र प्रसाद का निधन हो गया। 2009 में जितिन प्रसाद, धौरहरा लोकसभा सीट से लड़े और जीते. यूपीए-2 में जितिन प्रसाद को पेट्रोलियम और सड़क-परिवहन जैसे अहम मंत्रालय की बतौर राज्य मंत्री जिम्मेदारी मिली थी। लेकिन 2014 का चुनाव जितिन प्रसाद हार गए।

यह भी पढ़ें: Uttar Pradesh Assembly election 2022: BJP किस विधायक को दोबारा देगी टिकट और किसका कटेगा पत्ता, ऐसे होगा फाइनल

नितिन श्रीवास्तव
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned