26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एक और नौकरशाह की राजनीति में एंट्री, राजेश्वर सिंह का वीआरएस स्वीकार

सोमवार को अपने ट्विटर अकाउंट से उन्होंने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने उनका वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) स्वीकृत कर लिया है।  

2 min read
Google source verification
Joint Director of Enforcement Directorate Rajeshwar Singh VRS accepted

Joint Director of Enforcement Directorate Rajeshwar Singh VRS accepted

प्रवर्तन निदेशायल के पूर्व जॉइंट डायरेक्टर राजेश्वर सिंह का वीआरएस मंजूर हो गया है। सोमवार को अपने ट्विटर अकाउंट से उन्होंने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने उनका वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) स्वीकृत कर लिया है। जल्द ही वह राजनीति में शामिल होने वाले हैं। इससे पहले भी उन्हें लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि राजेश्वर सिंह बीजेपी में शामिल होंगे और आगामी चुनाव में सुल्तानपुर या लखनऊ की किसी सीट से लड़ सकते हैं।उन्होंने एक पत्र जारी किया उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी, होम मिनिस्टर अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय जेपी गुड्डा, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह संकल्प लिया है कि भारत को विश्व शक्ति और विश्व गुरु बनाना है। मैं भी इस मिशन का भागीदार बनूंगा और दृढ़ विश्वास में योगदान दूंगा।' उन्होंने आगे कहा कि अपने कार्यकाल में महिलाओं, बच्चों और पीड़ितों को न्याय दिलाने की कोशिश की है।

कई बड़े केस का रहे हैं हिस्सा

सिंह ने अपने पत्र में इस बात का भी जिक्र किया कि उन्होंने राष्ट्रीय प्रभाव और सार्वजनिक महत्व के कई घोटालों का खुलासा किया और कई जांच का हिस्सा भी रहे। इसमें 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला, अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर डील, एसरसेल मैक्सिम स्कैम, नोकिया पोंजी घोटाला, आम्रपाली घोटाला, गोमती रिवर फ्रंट फ्रॉड आदि शामिल है।

यह भी पढ़ें:ईडी के पूर्व ज्वॉइंट डायरेक्टर राजेश्वर सिंह का वीआरएस मंजूर, बीजेपी के टिकट पर इस सीट से लड़ सकते हैं चुनाव

इनसेट

सपा-बसपा ने जारी की एक और लिस्ट, पूर्व मंत्री समेत कई का टिकट कटा

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के लिए समाजवादी पार्टी ने प्रत्याशियों की एक और सूची जारी की है। सपा ने 2017 का चुनाव हारने वाले गोमती यादव, पूर्व मंत्री रविदास मेहरोत्रा और अनुराग भदौरिया को दोबारा मौका दिया है। अनुराग भदौरिया ने 2017 के चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन में कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लड़ा था लेकिन बीजेपी के आशुतोष टंडन से हार गए थे। लखनऊ पश्चिम से पूर्व विधायक रेहान अहमद का टिकट कटा है। इनकी जगह अरमान को टिकट मिला है। उत्तर से पूर्व मंत्री अभिषेक सिंह का टिकट कटा है। लखनऊ उत्तर से पूजा शुक्ला को टिकट दिया गया है। वहीं, बक्शी का तालाब से पूर्व मंत्री गोमती यादव, लखनऊ मध्य से रविदास मेहरोत्रा और लखनऊ कैंट से राजू गांधी को टिकट दिया है। वहीं उन्नाव के बांगरमऊ से मुन्ना अल्वी, रायबरेली के बछरावां से श्याम सुंदर भारती, सुल्तानपुर के इसौली से ताहिर खान और बांदा के बबेरू से विश्वम्भर यादव को सपा ने प्रत्याशी के तौर पर उतारा है।

बसपा ने पांचवे चरण की 61 सीटों के लिए उतारे प्रत्याशी

बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी पांचवें चरण की 61 विधानसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों का ऐलान किया है। बससा ने सुल्तानपुर के इसौली से यशभद्र सिंह उर्फ मोनू सिंह व सदर से ओपी सिंह को टिकट दिया है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के सामने सिराथू से संतोष कुमार त्रिपाठी हैं। भिनगा से अलीमुद्दीन अहमद को पार्टी ने उतारा है। वहीं बाराबंकी की दरियाबाद व कुर्सी अनारक्षित सीट पर भी दलित उम्मीदवारों को मौका दिया गया है। गोंडा में भाजपा के बागी विनोद कुमार शुक्ला को कटरा बाजार से प्रत्याशी बनाया गया है।

यह भी पढ़ें: आजम खान ही नहीं, राजा भैया, मुख्तार अंसारी समेत, सलाखों के पीछे रहकर चुनाव लड़ चुके हैं ये नेता

चार सीटों पर बदले प्रत्याशी

बसपा ने पूर्व में कासगंज, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी की निघासन सीट और कस्ता से प्रत्याशी बदले हैं। कासगंज से प्रभु दयाल सिंह राजपूत के स्थान पर मो. आरिफ, पीलीभीत से मुस्ताक अहमद की जगह पर शाने अली, निघासन से मनमोहन मौर्य की जगह आरए उस्मानी और कस्ता से सरिता वर्मा की जगह
हेमवती राज को प्रत्याशी घोषित किया है।