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करवा चौथ पर्व में ‘धोबिन’ है खास महत्त्व आप भी जानिये क्या है महत्त्व?

करवा चौथ का व्रत तो आप रखती होंगी क्या आपने कभी जाना है की आखिर इसका नाम करवा क्यों पड़ा?

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Santoshi Das

Oct 16, 2016

karwa Chauth

karwa Chauth

लखनऊ.
करवा चौथ का व्रत तो आप रखती होंगी क्या आपने कभी जाना है की आखिर इसका नाम करवा क्यों पड़ा? इस नाम के पीछे के एक कहानी छिपी है। इस पर्व में धोबिन का बड़ा महत्त्व है।



पति की लंबी आयु के लिए महिलाएं जिस करवा चौथ का व्रत रखती हैं, यह करवा नाम की धोबिन के नाम पर पड़ा है। करवा इतनी बहादुर महिला थी कि उसने मगरमच्छ के मुंह से अपने पति की जान बचाई। उससे खुश होकर यमराज ने करवा को उसके पति की दीर्घायु होने का वरदान दिया। इसके साथ यह भी कहा कि जो स्त्री करवा चौथ का व्रत रखेगी, उसको सौभाग्यवती होने का वरदान मिलेगा। लखनऊ के सुल्तानगंज के प्राचीन शिव मंदिर के पुजारी पंडित शोभनाथ ने करवा चौथ की कथा के बारे में बताया।


उन्होंने बताया कि कथा के अनुसार प्राचीन काल में करवा नाम की धोबिन थी। उसका पति बहुत वृद्ध था। जब धोबिन कपडे धोने नदी के किनारे जाती थी, तब उसका पति उसके साथ ही जाता था। एक दिन करवा कपडे धो रही थी, तब उसके पति के पैर को मगरमच्छ मुंह में दबा कर ले गया। मदद के लिए पति ने करवा को आवाज लगाई।


पति की आवाज सुन करवा दौड़ के मगरमच्छ के पास पहुंची। उसने मगरमच्छ को कच्चे धागे से बांध लिया। इसके बाद वह यमराज के पास पहुंची। करवा ने यमराज से गुहार लगायी कि उनके पति को चिरायु करें। इसलिए आपके लोक में आए हैं।


यमराज ने करवा की गुहार सुनी और उसके वृद्ध पति को मगरमच्छ के चंगुल से छुड़ा लिया। इस पर करवा ने यमराज को अपने घर ले गई और उनको अच्छे पकवान बनाकर खिलाए। इस दौरान करवा ने सुबह से लेकर शाम तक न तो कुछ खाया और न ही कुछ पीया। इससे उस दिन उसका पूरे दिन व्रत हो गया। इससे खुश होकर यमराज ने करवा को वरदान दिया कि जो महिला इस दिन उपवास रखेगी, उसके पति की आयु लंबी होगी। तब से आज तक महिलाएं इस व्रत को श्रद्धापूर्वक रखती हैं।

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