
लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्टेडियम का कायाकल्प होने जा रहा है। इसे 52 करोड़ की लागत से इंटरनेशनल लेवल का बनाया जाएगा। इसके लिए योजना को अंतिम रूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। ये पूरा काम स्मार्ट सिटी योजना के तहत किया जाएगा। इसके साथ ही राजधानी में गोमती और गोरखपुर में रामगढ़ ताल को नौकायन के हब के रूप में विकसित किया जाएगा। बता दें कि अपर मुख्य सचिव डॉ. नवनीत सहगल को हाल ही में खेल विभाग सौंपा गया था। इसी कड़ी में उन्होंने खेल संघों के पदाधिकारियों के संग शनिवार को बैठक की। जहां उन्होंने सबकी समस्याओं को सुनकर कुछ जरूरी फैसले लिए। बैठक में उनके साथ खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह भी मौजूद रहे।
दो मंजिल तक का बनाया जाएगा दर्शक दीर्घा
बैठक के तहत यह फैसला लिया गया कि केडी सिंह बाबू स्टेडियम को इंटरनेशनल लेवल का बनाया जाएगा। इसके लिए 52 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। स्टेडियम में दर्शक दीर्घा दो मंजिल तक का बनाया जाएगा। साथ ही यहां पार्किंग और फ्लडलाइट की भी योजना है। खेल विभाग योजना को अंतिम रूप देने में जुटा है। दरअसल, गोमती में हनुमान सेतु से लेकर भैसाकुण्ड तक सीधा मार्ग है। इसमें गोमती कहीं मुड़ी नहीं है। नदी में ऐसा मार्ग नौकायन के लिए सर्वश्रेष्ठ होता है। डॉ. सहगल ने बताया कि गोमती के अलावा गोरखपुर का रामगढ़ ताल भी नौकायन के मुफीद है। दोनों जगहों पर नौकायन और वॉटर स्पोर्ट्स की गतिविधियों के लिए सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
खेल विशेष के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस होंगे शुरू
डॉ. सहगल ने आगे बताया कि प्रदेश के अन्य इलाकों में खेल विशेष के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोले जाएंगे। जिनमें से एक सेंटर खेल का होगा। जहां खिलाड़ियों को खेल से जुड़ी सारी सुविधाएं मुहैया होंगी। इतना ही नहीं खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षक फिजियोथेरेपिस्ट और फिटनेस ट्रेनर भी रखे जाएंगे। इन सेंटरों में राज्य के बेहतरीन खिलाड़ियों को रखा जाएगा। इन्हें ओलंपिक, राष्ट्र मण्डल खेल और एशियाई खेलों के लिए तैयार किया जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि सितंबर लास्ट में गुजरात में होने वाले नेशनल खेल में राज्य के करीब 350 खिलाड़ियों को शामिल किया जाएगा। इन खिलाड़ियों को किराए से लेकर पहली बार डिजायनर किट भी दी जाएगी।
खिलाड़ियों का वेटलिफ्टिंग में उम्दा प्रदर्शन
इस दौरान जिला वेटलिफ्टिंग संघ के सचिव रणजीत सिंह ने बताया कि राष्ट्रमण्डल खेलों में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों का वेटलिफ्टिंग में उम्दा प्रदर्शन रहा है। यहां वेटलिफ्टिंग की प्रतिभाएं भी बहुत हैं। इस खेल का एक भी सरकारी हॉस्टल नहीं है। राज्य में कम से कम एक हॉस्टल वेटलिफ्टिंग का होना चाहिए। उत्तर प्रदेश एथलेटिक्स संघ के अजय कुमार त्रिपाठी ने कहा कि कहने को लखनऊ में तीन-तीन सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक हैं। पर कहीं पर पूरे उपकरण नहीं हैं। ऐसे में कुछ स्पर्धाएं मेरठ में तो कुछ प्रयागराज और लखनऊ में करानी पड़ती हैं। एथलीटों की सुविधा के लिए किसी एक स्थान पर एथलेटिक्स के सारे उपकरण मौजूद होने चाहिए।
Updated on:
11 Sept 2022 03:04 pm
Published on:
11 Sept 2022 03:00 pm
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