लखनऊ. राजा महमूदाबाद की संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। महमूदाबाद के राजा मोहम्मद आमिर अहमद खान थे। महमूदाबाद सीतापुर जिले का एक कस्बा है। जब भारत का विभाजन हुआ तब वह ईराक में रह रहे थे। 1957 में राजा मोहम्मद आमिर खान ने भारत की नागरिकता छोडकऱ पाकिस्तान की नागरिकता ले ली। लेकिन, इनका परिवार भारत में ही रह गया। इसके बाद भारत छोडकऱ पाकिस्तान जाकर बसे लोगों की संपत्तियोंं के लिए भारत के रक्षा नियम (डिफेंस ऑफ इंडिया रूल्स) 1962 के तहत इनकी संपतियां भारत सरकार ने अपने संरक्षण में ले लीं। इन शत्रु संपत्तियों का राज्य सरकार ने अक्टूबर 2006 में आकलन कराया था। तब इनकी कीमत 30 हजार करोड़ रुपये आंकी गई थीं।
हालांकि, महमूदाबाद के किले को छोडकऱ किसी भी संपत्ति को सील नहीं किया गया। महमूदाबाद किले के एक छोटे-से हिस्से में राजा का भी परिवार रहता था, लेकिन,1966 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर किले को पूरी तरह खोल दिया गया और राजा महमूदाबाद के भाई को उसकी देखरेख के लिए कस्टोडियन बना दिया गया। भारत सरकार ने 1968 में शत्रु संपत्ति अधिनियम बनाया। इसके बाद किले में रहने वाले राजा की पत्नी और बेटे को संपत्ति का मेंटेनेंस अलाउंस देने का काम कस्टोडियन को सौंपा गया।