
congress
लखनऊ. कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए लखनऊ से आचार्य प्रमोद कृष्णम को मैदान में उतार दिया है। इसी के साथ सपा-बसपा गठबंधन की प्रत्याशी पूनम सिन्हा को कांग्रेस के समर्थन के कयास पर भी विराम लग गया है। कांग्रेस ने देर शाम लिस्ट जारी कर आचार्य प्रमोद कृष्णम को लखनऊ लोकसभा सीट से उतारने की घोषणा की। इसी के साथ कांग्रेस ने कैसरगंज से विजय कुमार पांडे को टिकट दिया है।
कौन है प्रमोद कृष्णम-
कांग्रेस ने लखनऊ लोकसभा सीट से आचार्य प्रमोद कृष्णम को उतारने का मन पहले ही बना लिया था। संभल के श्री कल्कि पीठाधीश्वर प्रमोद कृष्णम कांग्रेस के नेता हैं। मध्य प्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस के वे स्टार प्रचारक भी रहे हैं। प्रमोद कांग्रेस के एकमात्र संत प्रचारक हैं, हालांकि कुछ समय पूर्व ही अखाड़ा परिषद ने उन्हें फर्जी संतों की सूची में डाल दिया था।
वाजपायी की भतीजी का भी नाम आया था सामने-
परंपरागत रूप से लखनऊ लोकसभा सीट भाजपा की मानी जाती है, लेकिन कांग्रेस यहां से किसी बड़े नाम को लड़ाना चाहती थी। प्रमोद तिवारी के पीछे हटने के बाद कहा जा रहा था कि सीट पर कांग्रेस हाईकमान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला या आचार्य प्रमोद कृष्णम को उतार सकती है। आखिर में आज साफ हो गया कि लखनऊ सीट से हाईकमान की पसंद आचार्य प्रमोद कृष्णम हैं। सूत्रों की मानें तो प्रमोद कृष्णम हरिद्वार से लड़ने के इच्छुक थे, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें लखनऊ से उतरने को कहा है।
तो क्या पूनम सिन्हा को नहीं मिलेगा कांग्रेस का समर्थन?
ऐसे में अब यह सवाल बड़ा है कि क्या कांग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी व सपा से घोषित प्रत्याशी पूनम को समर्थन देगी। क्योंकि मंगलवार सुबह पूनम सिन्हा के सपा में जाने के बाद ही उनके लखनऊ में चुनाव लड़ने व कांग्रेस के समर्थन मिलने की चर्चाएं तेज थी। सपा नेता ने रविदास मेहरोत्रा ने एक बयान में यह भी कह दिया था कि पूनम 18 अप्रैल को नामांकन भरेंगी। और सपा अपील करेगी कांग्रेस से कि वह लखनऊ से कोई प्रत्याशी न उतारे। लेकिन कांग्रेस ने देर शाम अपना कैडीडेट उतारकर सभी को हैरान कर दिया है।
Updated on:
17 Apr 2019 06:08 pm
Published on:
16 Apr 2019 09:00 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
