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कृष्ण जन्माष्टमी कब है, जानें क्या है तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व

Janmashtami 2018 date in india | 2018 में जन्माष्टमी कब है। कृष्ण जन्माष्टमी का शुभ मुहूर्त 45 मिनट का है, जोकि 23:57 बजे से 24:43 बजे तक रहेगा।

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Krishna Janmashtami

कृष्ण जन्माष्टमी कब है, जानें क्या है तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व

Neeraj Patel

लखनऊ. हिन्दू धर्म में Krishna Janmashtami का पर्व बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हिन्दू धर्म के लोगों के लिए बहुत ही महत्व रखता है। जिसे भारत के साथ साथ पूरी दुनिया में बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता हैं। कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भगवान श्री कृष्ण के जन्म भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी की अर्धरात्रि को 12 बजे भगवान कृष्ण का जन्म मनाया जाएगा।

कृष्ण जन्माष्टमी शुभ मुहुर्त

लखनऊ निवासी पंडित राजेन्द्र तिवारी ने बताया है कि अभी सावन का महीना चल रहा है लेकिन कुछ लोग अभी से कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाने को लेकर उत्साहित दिख रहे हैं। कुछ लोग तो ये भी पूछने के लिए आ रहे हैं कि कृष्ण जन्माष्टमी कब हैं। तब उन्होंने बताया कि सावन माह के खत्म होने के बाद भाद्रपद माह की शुरूआत होगी और भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाएगी। जोकि अगले महीने 2 सितम्बर को पड़ पड़ेगी। अर्थात 2 सितम्बर को कृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जाएगा। जिसका शुभ मुहूर्त 45 मिनट का है, जोकि 23:57 बजे से 24:43 बजे तक रहेगा।

कृष्ण जन्माष्टमी महत्व

पौराणिक ग्रंथों के अनुसार श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में अर्धरात्रि को हुआ था। इसलिए कृष्ण जन्माष्टमी हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी की अर्धरात्रि को 12 बजे ही मनाई जाती है। अत: भाद्रपद माह में आने वाली कृष्ण पक्ष की अष्टमी को यदि रोहिणी नक्षत्र का भी संयोग हो तो वह समय और भी भाग्यशाली माना जाता है। इसलिए लोगों के लिए Krishna Janmashtami का पर्व बहुत ही अधिक महत्व रखता है।

कृष्ण जन्माष्टमी व्रत, भोग और पूजा विधि

कृष्ण जन्माष्टमी के दिन सभी लोग विधि-विधान के साथ व्रत रखकर कृष्ण की पूजा करते हैं और अगले दिन अष्टमी तिथि समाप्त होने के बाद ही अपना उपवास तोड़ते हैं। कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण का दूध, जल और घी से अभिषेक किया जाता है। व्रत वाले दिन भगवान कृष्ण के भक्त केवल फलों और मिठाइयों का सेवन करते हैं। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी की रात्रि को कृष्ण का जन्मदिन मनाते हैं और प्रसाद का सेवन करते हैं। भगवान कृष्ण को खीरा का भोग लगाना बहुत ही शुभ माना जाता हैं। सभी लोग भगवान कृष्ण को खुश करने के लिए व्रत रखते हैं और उनकी पूरे मन से पूजा करते हैं, जिससे लोग मनचाहा फल पा सकें।