राजधानी स्थित कुकरैल पिकनिक स्पॉट का जल्द कायाकल्प होने वाला है। यूपी पर्यटन इसे ईको टूरिज्म का हब बनाने जा रही है।
लखनऊ. राजधानी स्थित कुकरैल पिकनिक स्पॉट का जल्द कायाकल्प होने वाला है। यूपी पर्यटन इसे ईको टूरिज्म का हब बनाने जा रही है। इसके अलावा नवाबगंज पक्षी विहार, दुधवा नेशनल पार्क समेत कई टूरिस्ट प्लेसेज का कायाकल्प होगा। पर्यटन विभाग की ओर से इको टूरिज्म के तहत कई स्थानों को चिन्हित कर उसका प्रस्ताव संबधित विभाग से मांगा है। इको टूरिज्म के जरिये प्रकृति व उपवनों का विकास कर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए वहां पर विकास कार्य की रुपरेखा तैयार की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में पर्यटन विभाग में प्राथमिकता वाले दस महत्वपूर्ण कार्यों में इको टूरिज्म के पर्यटन विकास का काम मुख्य रूप से शामिल है।
हाल ही हुआ था मोबी वॉक
कुकरैल में हाल ही मोबी वॉक हुआ था। मोबाइल फोटोग्राफी के जरिए कुकरैल में वन विभाग की ओर से कॉम्पिटिशन करवाया गया था। बता दें कि पर्यटन की ओर से जिन छह स्थानों को चिन्हित कर इको टूरिज्म का विकास किया जाना है उनमें पहला नाम कुकरैल सेंचुरी का है। इको टूरिज्म के जरिये पर्यटको को आम पर्यटन स्थलों के साथ प्रकृति से जुड़े स्थलों की ओर आकर्षित करना है।
कुकरैल सेंचुरी में घड़ियाल व मगरमच्छ को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग रोज आते है। अब यहां पर हट और सड़को का निर्माण कर पर्यटकों को सुविधा दी जायेगी।
यह सुविधाएं होगी
- इको टूरिज्म में सैलानियों को दी जायेगी सुविधा
- घूमने के लिए गाड़ी की व्यवस्था
- रहने के लिए टेंट की व्यवस्था
- ग्रामीण परिवेश की तरह हट की व्यवस्था
- प्रकृति को बढ़ावा देने के लिए आकर्षक पेड़ पौधों का रोपण
- नेचर ट्रेल बनाया जायेगा
- मार्गो की उचित व्यवस्था
- वन्य जीवों के लिए आकर्षक सेंटर बनाना
इनका होगा कायाकल्प
- कुकरैल - लखनऊ
- नवाबगंज पंक्षी विहार- उन्नाव
-दुधवा नेशनल पार्क- लखीमपुर खीरी
- चंबल - इटावा
-कतरनियाघाट - बहराइच
-सोहागीबरवा - महाराजगंज
कुकरैल को ईको टूरिज्म का हब बनाने का प्रयास चल रहा है। इको टूरिज्म के लिए छह जगहों को चिन्हित कर संबधित विभाग से प्रस्ताव मांगा गया है प्रस्ताव के मिलते ही आगे का काम किया जायेगा।
-आरपी यादव, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी