4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Kumbh Mela 2025: योगी सरकार के दिव्य, भव्य, स्वच्छ और नव्य कुंभ की विदेशी संतों ने की सराहना

Kumbh Mela 2025: प्रयागराज महाकुंभ 2025 की तैयारियां अपने चरम पर हैं। जापान, स्पेन और नेपाल से आए संतों ने योगी सरकार के दिव्य, भव्य, स्वच्छ और डिजिटल महाकुंभ की सराहना की। अतिथि देवो भव: की भावना से अभिभूत विदेशी मेहमान आयोजन की व्यवस्थाओं और सनातन संस्कृति के इस महोत्सव से गहराई से प्रभावित हैं।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Ritesh Singh

Dec 16, 2024

जापान, स्पेन और नेपाल के संतों को भा रही है सनातन संस्कृति

जापान, स्पेन और नेपाल के संतों को भा रही है सनातन संस्कृति

Kumbh Mela 2025: प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के भव्य आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं। देशभर से आए साधुओं के साथ-साथ विदेशी संतों का आगमन भी तेज हो गया है। महाकुंभ में अखाड़ों की धर्मध्वजा, नगर प्रवेश और छावनी यात्रा में भाग लेने वाले विदेशी संत इस आयोजन की दिव्यता और व्यवस्थाओं से प्रभावित हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा किए गए स्वच्छ, व्यवस्थित और डिजिटल महाकुंभ के प्रयासों को विदेशी मेहमानों ने विशेष रूप से सराहा है।

यह भी पढ़ें: Kumbh 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया कुम्भ सहायक एआई चैटबॉट का शुभारंभ

विदेशी संतों के लिए अद्वितीय अनुभव बना महाकुंभ

महाकुंभ के करीब आते ही अखाड़ा सेक्टर में साधु-संतों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है। जूना अखाड़े की छावनी प्रवेश यात्रा में जापानी संत योग माता, महामंडलेश्वर केको और अन्य विदेशी साध्वियों ने भाग लिया। योग माता ने कहा, "महाकुंभ की तैयारियां अद्भुत हैं। परिवहन और एयर कनेक्टिविटी का स्तर बेहतरीन है। यह आयोजन सनातन धर्म की महिमा को दर्शाता है।"

यह भी पढ़ें: Yogi Government का बड़ा फैसला: 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए खुशखबरी

नेपाल से आई महामंडलेश्वर हेमा नंद गिरी ने कहा, "महाकुंभ का आयोजन ऐसे प्रदेश में हो रहा है, जहां मुख्यमंत्री स्वयं एक संत हैं। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह आयोजन वैश्विक स्तर पर सनातन धर्म के प्रचार का माध्यम बन रहा है।"

स्वच्छता और डिजिटलाइजेशन से खुश हैं विदेशी मेहमान

महाकुंभ 2025 को स्वच्छ और डिजिटल बनाने की प्राथमिकता ने विदेशी संतों का ध्यान आकर्षित किया है। स्पेन से आई अवधूत अंजना गिरी ने कहा, "पिछले 30 वर्षों से मैं महाकुंभ में भाग ले रही हूं, लेकिन इस बार अनुभव अलग है। सैनिटेशन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सूचना की उपलब्धता उल्लेखनीय है।"

यह भी पढ़ें: Mahakumbh 2025: यूपी के हर हिस्से से श्रद्धालुओं के लिए स्पेशल ट्रेनें, रेलवे के व्यापक इंतजाम

फ्रांस से आए ब्रूनो गिरी ने कहा, "यह मेरा तीसरा महाकुंभ है, लेकिन इस बार प्रयागराज बदला हुआ और उत्सवपूर्ण लग रहा है। हर व्यवस्था में नयापन है।"

महाकुंभ में साधना के लिए विदेशी संत करेंगे गुरुओं का अनुसरण


विदेशी संत करेंगे पुण्य भूमि पर साधना

महाकुंभ के दौरान विदेशी संत अपने गुरुओं के साथ साधना करेंगे। महाकुंभ का यह अनुभव उन्हें भारत की प्राचीन संस्कृति और परंपराओं के करीब ले जा रहा है। जूना अखाड़े की छावनी प्रवेश यात्रा में शामिल होकर विदेशी संतों ने महाकुंभ की दिव्यता का अनुभव किया।

सनातन संस्कृति का वैश्विक प्रचार

महाकुंभ 2025 योगी सरकार की कुशल व्यवस्था और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार का प्रतीक बन चुका है। जापान, नेपाल और स्पेन से आए संतों ने इस आयोजन की भव्यता को वैश्विक स्तर पर सराहा है। इस आयोजन ने भारत की प्राचीन परंपराओं को विश्व पटल पर मजबूती से स्थापित किया है।

यह भी पढ़ें: Lucknow के गोमती रिवर फ्रंट पर बनेगा पेडिस्ट्रियन ब्रिज: पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

महाकुंभ की खास विशेषताएं

.स्वच्छता और सैनिटेशन पर विशेष जोर।
.डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सूचना की आसानी से उपलब्धता।
.बेहतर परिवहन और एयर कनेक्टिविटी।
.विदेशी संतों की उत्साहपूर्ण भागीदारी।
.योगी सरकार के नेतृत्व में दिव्य और भव्य आयोजन।

संबंधित खबरें