13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हाईकोर्ट के आदेश के चलते एलडीए के हाथ-पैर फूले

2 ट्रक पीएसी होने के बाद भी अधिकारी कब्जा हटाने में असफल रहे। एलडीए अधिकारियों ने बताया कि 23 फरवरी को पुनः प्रयास किया जाएगा।

less than 1 minute read
Google source verification

image

Dikshant Sharma

Jan 18, 2016

लखनऊ. इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा रजिस्ट्री के बाद भी भूखण्ड का कब्जा न दिए जाने पर सख्त रुख अपनाते हुए एलडीए को निर्देश दिए थे कि बुजर्ग दंपति को सेक्टर 4 में प्लाट 391 उपलब्ध कराया जाए। इसी के मद्देनजर गोमती विस्तार में एलडीए अधिकारियों का प्रयास विफल रहा। 2 ट्रक पीएसी होने के बाद भी अधिकारी कब्जा हटाने में असफल रहे। मौके पर एलडीए के कर्मचारियों को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। एलडीए अधिकारियों ने बताया कि 23 फरवरी को पुनः प्रयास किया जाएगा।

बताते चले कि अगली सुनवाई 27 जनवरी को की जाएगी। कब्जा न दे पाने की सूरत में अगली पेशी पर एलडीए पर 25 लाख का हर्जाना लगाया जाएगा। साथ ही एलडीए उपाध्यक्ष के खिलाफ क्यों विपरीत आदेश जारी किया जाए इसका कारण भी देना होगा।

क्या है मामला

गोमतीनगर में वर्ष 2002 में एलडीए ने भूखण्ड संख्या 4/391 याची को आंवटित किया था। वर्ष 2005 में एलडीए ने 4/1266 संख्या का भूखण्ड बताया। जब याची ने कब्जा देने की बात कही तो नहीं दिया और बाद में पुन: 2009 में भूखण्ड संख्या 821-ए बदल दिया। याची ने फ्री होल्ड के नाम पर पचास हजार और दिए लेकिन भूखण्ड का कब्जा नहीं मिला।

अदालत ने सुनवाई करते हुए कहा कि एलडीए द्वारा बेवजह परेशान करने के आधार पर एलडीए पर 25 लाख का हर्जाना प्रस्तावित किया था तथा उपाध्यक्ष एलडीए के खिलाफ प्रतिकूल आदेश क्यों न जारी किया जाए यह जवाब मांगा था। मामले की अगली सुनवाई अदालत ने 27 जनवरी को नियत की गयी है।

ये भी पढ़ें

image