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पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बनी एक IPS की छुट्टी, पिछले 66 दिनों से हैं लापता, सरकारी व निजी फोन बंद, घर वाले हैं अंजान

अफसर की लोकेशन की जानकारी के लिए लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस की मदद ली गई। मोबाइल फोन के जरिए पुलिस को पता चला कि अफसर सुरक्षित और वेस्ट यूपी गए हैं। घरवालों को उनका कोई पता नहीं है और आफिस के लोगों का दावा है कि वह मेडिकल लीव पर हैं।  
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लखनऊ

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Amit Tiwari

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Updated: 14 May 2022, 11:49 AM IST

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पुलिस विभाग में तैनात एक आईपीएस अफसर की छुट्टी सवालों के घेरे में है। बताया जाता है कर करीब दो माह पहले यह आईपीएस निजी कार्य के लिए मुख्यालय छोड़ने की इजाजत लेकर गए थे। फिर अगले दिन इन्होंने अपने सीनियर अफसर को वॉटसएप पर सेहत खराब होने की सूचना दी। इसके बाद उन्होंने अपने सरकारी और निजी फोन नंबर दोनों बंद कर लिए। यह अफसर इस तरह लापता हुए तो घर और मुख्यालय वाले चिंता में आ गए। यह अफसर पीपीएस से आईपीएस में प्रोन्नति हुए हैं। आईपीएस के रूप में इनकी यह पहली तैनाती है। अगस्त 2021 में उन्हें यह तैनाती मिली थी। अफसर की लोकेशन की जानकारी के लिए लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस की मदद ली गई।

निजी काम के लिए बाहर जाने की मांगी थी अनुमति

इन्होंने छह मार्च 2022 को निजी कार्य के लिए बाहर जाने की अनुमति ली और आफिस से चले गए। अफसर जब घर नहीं लौटे और उनके फोन बंद गए तो परिवारवालों ने दफ्तर में संपर्क किया। पता चला कि साहब वहां भी नहीं है। अगले दिन साहब ने अपने वरिष्ठ अफसर को वॉटसएप के जरिए स्वास्थ्य खराब होने की सूचना दी।

वेस्ट यूपी में मिली लोकेशन

अफसर के घर नहीं लौटने पर परिवारवालों ने इकाई के प्रमुख से संपर्क किया। इस पर प्रमुख ने लखनऊ के पुलिस कमिश्नर से अफसर की लोकेशन पता करने के लिए मदद मांगी। अफसर का जब मोबाइल ट्रेस कराया गया तो उसकी लोकेशन गाजियाबाद, सहारनपुर व हरिद्वार के आसपास मिली। अफसर के सुरक्षित होने की जानकारी पुष्टि होने के बाद लखनऊ पुलिस से मामला वापस ले लिया गया।

डिप्रेशन व हाइपरटेंशन का बताया मरीज

इस दौरान अफसर ने विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए 13 मार्च को खुद के गंभीर डिप्रेशन व हाइपरटेंशन का मरीज होने का दावा करते हुए मेदांता अस्पताल का नौ दिसंबर 2021 का पर्चा और एक पर्चा 17 मार्च का दिव्य इंस्टीट्यूट आफ बिहेविओरल साईसिस का पर्चा लगाकर आवेदन कराया। इसकी सूचना एडीजी कार्मिक को उनके प्रार्थना पत्र व मेडिकल पर्चों के साथ भेज दी गई।

अभी तक नहीं ज्वाइन की है ड्यूटी

इस दौरान एक महीने तक अफसर और ड्यूटी पर नहीं आए। जिस पर उनके प्रमुख ने 14 अप्रैल 2022 को फिर उन्हें पत्र लिखकर उनके द्वारा कोई सूचना दिए बगैर गायब होने के संबंध में नोटिस दिया और उन्हें ड्यूटी में हाजिर होने के लिए कहा। हालांकि अफसर ने अभी तक ड्यूटी ज्वाइन नहीं की है। उनके प्रमुख का कहना है कि वह मेडिकल लीव पर हैं।

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