
जीवन आर्थिक संपन्नता से महक रहा है।
Ayodhya News: एमबीए करने के बाद ट्रांसपोर्ट कंपनी में नौकरी मिली, लेकिन उन्हें खुद का काम ज्यादा रास आया। एक साल बाद नौकरी छोड़कर उन्नत तकनीक के जरिये फूलों की खेती की राह चुनी। वर्तमान में इनका जीवन आर्थिक संपन्नता से महक रहा है। हनुमान प्रसाद ने पांच बीघा खेत में फूलों की पैदावार शुरू की। इनमें अफ्रीकन गेंदा, पूसा नारंगी, जाफरी, गुड़हल, गुलाब, रजनीगंधा, चमेली सहित कई किस्म के फूल शामिल हैं। इनका यह प्रयास सफल रहा।
धीरे-धीरे फूलों की खेती से अच्छा खासा मुनाफा भी मिलने लगा। अब वह नौकरी से ज्यादा फूलों की खेती से आय प्राप्त कर रहे।
कोलकाता व बनारस से मंगाते नर्सरी
हनुमान प्रसाद यादव ने बताया कि वे अगेती और पछेती दोनों किस्म के फूल तैयार करते हैं। लखनऊ के अलावा बनारस और कोलकाता से फूलों की नर्सरी मंगवाते हैं। खेत में फूल तैयार होने के बाद बिक्री के लिए अयोध्या और आसपास की फूल मंडी ले जाते हैं। माली भी डेकोरेशन के लिए खेत में आकर फूल खरीद कर ले जाते हैं। फूलों और सब्जियों की खेती करने में उनके पिता राम अचल यादव और कृषि विषय से स्नातक की पढ़ाई कर रहे छोटे भाई दिनेश प्रताप का भी सहयोग मिलता है।
अब इन्होंने फूलों के साथ कई तरह की सब्जियों और नींबू की भी खेती शुरू की है। पढ़ाई करने के बाद हताश घूम रहे युवाओं के लिए हनुमान प्रसाद प्रेरक हैं। क्षेत्र के परंपरागत किसान भी इनसे प्रेरणा ले रहे हैं। फूलों और सब्जियों की उन्नतशील खेती करने के लिए इन्हें कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज, जिला उद्यान विभाग, कृषि विभाग से सम्मान मिल चुका है।
जिले में स्थापित हो फूल मंडी
हनुमान प्रसाद कहते हैं कि जिले में फूल है मंडी न होना अखरता है। यहां भी फूल मंडी हो तो फूलों की खेती करने वाले किसानों के लिए विक्री की राह आसान हो। फूल मंडी होने से अन्य किसान भी फूलों की खेती के लिए प्रेरित होंगे।
Updated on:
05 Dec 2023 12:11 pm
Published on:
05 Dec 2023 12:07 pm
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