
पूर्व आईएएस व उपराज्यपाल डॉ0 किरण बेदी ने UP Police को दी कड़ी और प्यार से नसीहत
लखनऊ, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 22 वर्षों के बाद ऑल इंडिया पुलिस साइंस कांग्रेस का दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन हुआ । कार्यक्रम में देशभर के पुलिस अधिकारी, समाजशास्त्री और विशेषज्ञ जुटें जो पुलिस को मिल रहे संसाधनों और बेहतर तकनीक के बारे में चर्चा की जा रही हैं। कार्यक्रम का उद्घाटन डीजीपी मुख्यालय के अवनि प्रेक्षागृह में पुडुचेरी की लेफ्टिनेंट गवर्नर डॉ.किरण बेदी ने किया। जिसका कल 29 नवंबर को समापन समारोह में गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशिष्ट रूप से शामिल होंगे।
पूर्व आईपीएस और पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी ने गुरुवार को यहां 47 वीं ऑल इंडिया पुलिस साइंस कांग्रेस का शुभारम्भ किया। इस मौके पर पुडुचेरी की उप राज्यपाल डॉ0 किरन बेदी ने कहा कि अयोध्या फैसले के दौरान यूपी सरकार और पुलिस ने बेहतरीन काम किया। यूपी पुलिस को इसके लिए मैग्सेसे पुरस्कार मिलना चाहिए। डॉ. बेदी लखनऊ के नए पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय 47वीं ऑल इंडिया पुलिस साइंस कांग्रेस के शुभारंभ के मौके पर बोली उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के सफल आयोजन से प्रदेश पुलिस का दुनिया भर में सम्मान बढ़ा है। उनका प्रदर्शन सराहनीय है।
उन्होंने कहा कि यूपी में पुलिस को बेहतर नेतृत्व व संसाधन मिल रहा है। वहीं, राज्य में कानून व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि बीट पुलिसिंग का आज भी कोई विकल्प नहीं है। इस व्यवस्था में कांस्टेबल को जिम्मेदार बनाया जाता है। इस प्रक्रिया में सबसे बेहतरीन कांस्टेबल को चुनना चाहिए। बीट पुलिसिंग में अफसरों को भी हिस्सा लेना चाहिए क्योंकि इसके बिना अपराध रोकना संभव नहीं है।
डॉ. बेदी ने कहा कि पूरे देश में बीट पुलिसिंग की सख्त जरूरत है। इससे इलाके के हर व्यक्ति की जानकारी होती है। वीआईपी मूवमेंट, लॉ एंड ऑर्डर के चलते भी बीट पुलिसिंग को नहीं छेड़ना चाहिए। हर इलाके में बीट बॉक्स या बूथ होना चाहिए जहां बीट पुलिसमैन बैठता हो। किरन बेदी ने कहा कि हर पुलिसकर्मी को अपनी वर्दी को मंदिर की तरह पवित्र मानना चाहिए। मंदिर में कोई अन्याय नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस को न्याय और हिम्मत से काम करना चाहिए। यूपी पुलिस को बेहतरीन नेतृत्व व संसाधन मिल रहा है। डॉ. किरन बेदी ने कार्यक्रम में शोधपत्रों की पुस्तिका का भी विमोचन किया जिसमें पूर्व में किए गए 29 शोधपत्रों को भी जगह दी गई है।
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह, अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी भी मौजूद थे। दो दिनों तक चलने वानले इस कार्यक्रम में पहले दिन 28 नवंबर को आज पुलिस की चुनौतियों, फोरेंसिक साइंस और महिला व बच्चों की सुरक्षा के विषयों पर देशभर से आए पुलिस अधिकारी और विशेषज्ञ मंथन करेंगे। कार्यक्रम के दूसरे दिन कल सोशल मीडिया की भूमिका, पुलिस अधिकारियों के व्यवहार, प्रशिक्षण और सीटीएनएस विषयों पर विमर्श होगा।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इससे पहले 29वीं अखिल भारतीय पुलिस साइंस कांग्रेस का आयोजन नवंबर 1997 में लखनऊ में हुआ था। इस बार छह विषयों को चुना गया है। पुलिस अधिकारियों, शिक्षाविदों, फोरेंसिक विशेषज्ञों व अन्य बुद्धजीवियों ने 50 से अधिक शोध पत्र भेजे हैं। बीपीआर एंड डी की विशेष समिति ने 18 शोधपत्रों को पुलिस साइंस कांग्रेस में प्रस्तुत किए जाने के लिए चुना है़।
Published on:
28 Nov 2019 05:43 pm
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