
Dhanteras 2018 : आटे या मिट्टी के दीपक घर के मुख्य द्वार पर जलाएं, बरसेगी कृपा
लखनऊ. हर कोई चाहता है कि उसका जीवन सुखमय हो, उसके घर में मां लक्ष्मी की कृपा बरसे। तो इस धनतेरस आप पर लक्ष्मी जी की कृपा बरसेगी की बस आप सही तरीके से पूजा-पाठ करें और खरीदारी मुहूर्त के हिसाब से करें।
सोमवार को धनतेरस है। बाजार सज गए हैं। इस बार धनतेरस सोमवार यानी 5 नवंबर को है। धनतेरस कृष्ण त्रयोदशी को मनाया जाता है। इस बार का धनतेरस कुछ खास होगा। धनतेरस पर आप आटे या मिट्टी के दीपक अपने घर के मुख्य द्वार पर जलाएं तो आपके ऊपर लक्ष्मीजी की कृपा बरसेगी।
आरोग्य की कामना की जाती है
आचार्य अशोक कुमार पांडेय के अनुसार इस वर्ष कन्या राशि और हस्तनक्षत्र का संयोग मिल रहा है। त्रयोदशी तिथि 4 नवम्बर को रात्रि 01:25 से प्रारम्भ होकर 5 नवंबर को रात्रि 11:47 तक रहेगी। इस दिन कुबेर की पूजा होती है। धनतेरस के ही दिन कुबेर का जन्म हुआ था इसलिए इस दिन धनवन्तरी जयंती भी होती है। इस दिन आयुर्वेद के जन्मदाता भगवान धनवन्तरी का समुद्र मंथन से प्राकट्य हुआ था। धनतेरस के दिन भगवान धनवन्तरि की पूजा की जाती है और उनसे आरोग्य की कामना की जाती है। धनतेरस के दिन यमदीप दान करना काफी फलदायी होता है। धनतेरस पर शाम के समय आटे या मिट्टी के दीपक में तेल डालकर चार बत्तियां जलाकर अपने घर के मुख्य द्वार पर रखें। इस दीपदान से परिवार में असामयिक मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है। धनतेरस के दिन बर्तन, चांदी, सोना, वाहन, प्रापर्टी, इलेक्ट्रानिक सामान, वस्त्र आदि खरीदना शुभ होता है।
यह है खरीदारी का शुभ मुहूर्त
चौघडिय़ा के अनुसार धनतेरस पर शुभ मुहूर्त - प्रात: 9:06 से 10:28, चर - दिन 01:12 से 02:33, लाभ- दिन 02:33 से 03:55, अमृत-दिन 03:55 से 05:17, चर- 05:17 से 06:55, लाभ- रात्रि 10:12 से 11:50
अभिजीत मुहूर्त
दिन 11:27 से 12:11 प्रदोष काल सांय 05:17 से 07:54 (अतिशुभ) वृषभ लग्र-सांय 05:54 से 07:50 तक (अतिशुभ) है।
पूजा-मुहूर्त
प्रदोष काल सांयकाल 05:17 से 07:54, वृषभ काल लग्न 05:54 से 07:50 तक है।
Published on:
04 Nov 2018 04:20 pm
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