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लॉकडाउन : कुछ ठहरी, कुछ सहमी सी चल पड़ी है जिंदगी

लॉकडाउन के चौथे चरण में ढील का असर सड़कों पर जरूर दिख रहा है, पर कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले लोगों में दहशत पैदा कर रहे हैं

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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

May 26, 2020

लॉकडाउन : कुछ ठहरी, कुछ सहमी सी चल पड़ी है जिंदगी

लॉकडाउन एक व दो में विशेष सख्ती के बाद अब तीन और चार में मिली ढील से काफी हद तक स्थितियां बदलने लगी हैं

लखनऊ. लॉकडाउन को 63वें दिन मंगलवार को शॉपिंग कॉम्पलेक्स खुल गये हैं। 50 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ सरकारी दफ्तरों में चहल-पहल लौट आई है। निजी दफ्तर भी 33 फीसदी कर्मचारियों के साथ खुल गये हैं। चौथे चरण में ढील का असर सड़कों पर जरूर दिख रहा है, पर कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले लोगों में दहशत पैदा कर रहे हैं। ऐसे माहौल में लगता है जैसे कुछ ठहरी, कुछ सहमी सी, चल पड़ी है जिंदगी...।

लॉकडाउन एक व दो में विशेष सख्ती के बाद अब तीन और चार में मिली ढील से काफी हद तक स्थितियां बदलने लगी हैं। हॉटस्पाट क्षेत्रों को छोड़कर ऑड-इवेन के फॉर्मूले के तहत दुकानें खुलने से बाजारों में रौनक लौट आई है। बावजूद अब भी कई तरह की रोक से लोगों को दो चार होना पड़ रहा है। ढील के बाद उद्योग-धंधे शुरू तो गये, लेकिन अपनी क्षमता दौड़ नहीं पा रहे हैं। लॉकडाउन के चलते न तो मजदूर मिल रहे हैं और न ही कच्चा माल, जिसके चलते मुरादाबाद में न तो पीतल के बर्तन बन पा रहे हैं और न ही फिरोजबाद में कांच की चूड़ियां। मेरठ में स्पोर्ट्स का सामान भी नहीं तैयार हो पा रहा है और न लखनऊ में चिकन उद्योग पटरी पर लौट पा रहा है। कानुपर सहित कई जिलों के तमाम उद्योगों पर भी लॉकडाउन का असर दिख रहा है।

लॉकडाउन के चलते पर्यटन स्थल सूने पड़े हैं वहीं, देवालय भी बंद हैं। अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज और मथुरा-वृंदावन के घाट श्रद्धालुओं के बिना नीरस से हो गये हैं। मंदिरों के कपाट बंद हैं। ज्येष्ठ मास में न तो हनुमान भक्त दिख रहे हैं और न ही रमजान के पाक महीने में मस्जिदों में नमाजियों का हूजूम उमड़ा। संगत और पंगत के बिना गुरुदारों में खामोशी है तो चर्च में भी प्रार्थनाओं के सुर नहीं सुनाई पड़ते।

इन पर अभी भी तालाबंदी
बंद पब्लिक ट्रांसपोर्ट (ऑटो, टैक्सी) लोगों की परेशानी का सबब बन रहा है। स्कूल-कॉलेज भी नहीं खुल रहे हैं। जिम, मॉल्स पर भी अभी ताला पड़ा है। अब न तो गली-नुक्कड़ों पर खाने-पीने की दुकानें भी दिखती हैं और न ही होटल-रेस्टोरेंट्स से भी लजीज खाने की खुशबू नहीं दिखती। अब स्टेडियम में भी दर्शकों का शोर नहीं सुनाई पड़ता है। मेट्रो सेवा भी बाधित है। लोग परिवहन सेवा शुरू करने की मांग कर रहे हैं।

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अभी बंद क्या-क्या है
- खाने-पीने की दुकानें
- होटल रेस्टोरेंट बंद हैं
- स्कूल-कॉलेज और कोचिंग सेंटर बंद हैं
- मॉल्स, जिम और मेट्रो सेवा बाधित है
- स्टेडियम में दर्शकों पर बैन
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट (ऑटो, टैक्सी) बंद है

कोरोना की स्थिति
उत्तर प्रदेश में सोमवार तक 6497 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गये, जिनमें से 3660 मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर जा चुके हैं। राज्य में सक्रिय मामले सिर्फ 2668 हैं वहीं, अब तक 169 मरीजों की मौत हो चुकी है। वायरस के संक्रमण से सभी 75 जिले जूझ रहे हैं। प्रदेश में सबसे ज्यादा सक्रिय 140 मरीज रामपुर में जिले में हैं, 135 केस के साथ बाराबंकी में दूसरे और 120 केस के साथ नोएडा तीसरे नंबर पर है। इसके अलावा जौनपुर में 114, बस्ती में 109, मेरठ में 103 और आगरा में 101 सक्रिय मरीज हैं। सबसे कम दो-दो केस झांसी, बांदा और हाथरस में हैं।

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