
शानदार खिलाड़ी और तेज तर्रार IAS अफसर हैं सुहास एलवाई।
IAS Suhas LY: यूपी में खेल सचिव के पद पर तैनात IAS सुहास एलवाई के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच की सिफारिश की गई है। यह सिफारिश लोकायुक्त संगठन ने राज्य सरकार से की है। उनपर प्रयागराज में डीएम रहते हुए पद के दुरुपयोग का आरोप है। लोकायुक्त ने अपनी जांच के बाद तत्कालीन डीएम सुहास के खिलाफ की गई शिकायत की उच्चस्तरीय जांच कराने की सिफारिश की है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग तो नहीं किया। जांच में उनके दोषी पाए जाने पर नियमों के मुताबिक कार्रवाई की सिफारिश की गई है। आइये जानते हैं आखिर क्या है पूरा मामला?
अपने शानदार खेल और कार्यशैली को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले आईएएस अफसर सुहास एलवाई फिर सुर्खियों में हैं। इस बार IAS अफसर पर पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगे हैं। लोकायुक्त संगठन ने प्रयागराज के तत्कालीन डीएम सुहास एलवाई के खिलाफ शिकायत में राज्य सरकार से उच्चस्तरीय जांच कराने की सिफारिश की है। प्रयागराज के जिलाधिकारी रहने के दौरान नजूल भूमि को फ्री होल्ड करने के मामले में आईएएस सुहास एल वाई के खिलाफ जांच की सिफारिश की गई है। उन पर जिलाधिकारी रहते हुए पद का दुरुपयोग करने आरोप लगाया गया है। साल 2019 में परिवादी हरीश टंडन ने शिकायत की थी कि उनकी नजूल की भूमि को फ्री होल्ड करने के अदालत के आदेश के बावजूद तत्कालीन डीएम ने उसका पुनर्ग्रहण करने का प्रयास किया।
IAS सुहास के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच की सिफारिश क्यों?
लोक आयुक्त ने पूर्व डीएम व आईएएस अधिकारी सुहास एलवाई के खिलाफ प्रयागराज में नजूल की भूमि को फ्री होल्ड करने के मामले में पद का दुरुपयोग करने व मनमानी तरीके से निर्णय लेने के आरोपों में उच्च स्तरीय जांच की सिफारिश की है। लोक आयुक्त ने साल 2020 की रिपोर्ट में इसका उल्लेख करते हुए शासन से कहा है कि सुहास जांच में दोषी पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करके तीन माह में लोक आयुक्त को इसकी जानकारी दी जाए।
साल 2017 का मामला, प्रयागराज में डीएम थे सुहास
मौजूदा समय में खेल सचिव के पद पर तैनात सुहास एलवाई 2017 में प्रयागराज में डीएम के पद पर तैनात थे। सुहास के विरुद्ध अभिषेक टंडन ने आरोप लगाए थे कि पूर्व जिलाधिकारी संजय कुमार की संस्तुति पर भी नजूल की भूमि को फ्री होल्ड करने को लेकर सुहास ने अपनी तैनाती के बाद विचार नहीं किया था। लोक आयुक्त ने कहा है कि नजूल भूखंड 32 सी, 139 व 139 बी को लेकर सुहास एलवाई द्वारा लिए गए मनमाने निर्णयों से भुक्तभोगी हरीश टंडन को मानसिक परेशानी हुई है और सुहास द्वारा शासन को पद को दुरुपयोग करके शासन को भेजी गई रिपोर्ट की भी जांच की जाए।
कौन हैं आईएएस सुहास एलवाई?
1. सुहास एलवाई मूलरूप से कर्नाटक के रहने वाले हैं। सिविल सेवा में उनका चयन 2007 में हुआ था।
2. इंजीनियरिंग करने वाले सुहास को बचपन में क्रिकेट और बैडमिंटन खेलने का शौक था।
3. कॉलेज में पढ़ाई के दौरान बैडमिंटन को पूरी तरह से सुहास ने अपना लिया। इसके बाद वह लगातार अभ्यास करने के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेते रहे और जीतते भी रहे।
4. आईएएस की ट्रेनिंग के दौरान भी अकादमी के विजेता रहे।
5. 2016 में आजमगढ़ के डीएम रहने के दौरान राज्य स्तरीय टूर्नामेंट का आयोजन हुआ था, तो वहां कुछ राज्य स्तरीय खिलाड़ियों के साथ खेला तो जीत गए, जिससे उनके हौसले बढ़ गए।
6. नवंबर 2016 में चीन के बीजिंग में हुई एशियन चैंपियनशिप में शिरकत की और खिताब जीता है।
7. 2019 मार्च से 2020 मार्च तक बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन की ओर से 14 चैंपियनशिप का आयोजन किया गया था, जिनमें से 12 में शिरकत की थी। इनमें कुछ में स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक जीते थे।
8. फेडरेशन की ओर से जारी रैंकिंग में तीसरी रैंकिंग मिली और टॉप छह खिलाड़ी पैरालिंपिक 2020 के लिए क्वालिफाइ हुए।
9. टोक्यो पैरालिंपिक में इतिहास रचते हुए सुहास ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया और वह ऐसा करने वाले देश के पहले भारतीय प्रशासनिक अधिकारी बन गए।
Published on:
10 Aug 2023 07:47 pm
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