
चुनाव में इन महिलाओं ने जीता जनता का दिल, 8.8 फीसदी पहुंची लोकसभा
लखनऊ. राजनीति में लंबे समय से महिलाएं सक्रिय हैं। लेकिन इसके बावजूद लोकसभा चुनाव में महिला उम्मीदवारों की संख्या कुल जीते प्रत्याशियों के मुकाबले कम रहती है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 11 महिलाएं जीत कर संसद पहुंची। यानी कि इस चुनाव में सिर्फ 8.8 फीसदी महिलाओं का दमखम दिखा, जो 2014 के बराबर रहा।जीती हुई महिला उम्मीदवारों में से कुछ केंद्रीय मंत्री रहीं, तो कुछ राजनीति में नया चेहरा रहीं।
2019 में इन महिलाओं ने लहराया जीत का परचम
इस बार उत्तर प्रदेश की कई प्रमुख सीटों पर महिलाओं का दमखम दिखा। इसमें सबसे प्रमुख नाम केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का आता है, जिन्होंने यूपी की अहम लोकसभा सीटों में से एक अमेठी में राहुल गांधी को हराकर नया अध्याय लिखा।स्मृति ने राहुल को तकरीबन 55 हजार वोटों से शिकस्त दी। सुलतानपुर लोकसभा सीट से मेनका गांधी ने बसपा के चंद्रभद्र सिंह को हराकर जीत हासिल की।धौरहरा से कांग्रेस के कद्दावर नेता जितिन प्रसाद के खड़े होने के बावजूद यहां से भाजपा की रेखा वर्मा ने यहां से दूसरी बार जीत दर्ज की।फतेहपुर सीकरी में साध्वी निरंजन ज्योति ने बसपा के सुखदेव प्रसाद वर्मा को 1 लाख से अधिक मतों से हराया।रायबरेली से कांग्रेस की सोनिया गांधी ने पिछली बार की तरह इस बार भी अपनी जीत को बरकरार रखा। उन्होंने भाजपा के दिनेश सिंह को 2 लाख मतों के अंतर से पराजित किया। मिर्जापुर लोकसभा सीट से अपना दल की अनुप्रिया पटेल ने 5 लाख के अधिक मतों से जीत हासिल की। उन्होंने सपा के रामचरित्र निषाद को 2 लाख वोटों के अंतर से हराया।
फुलपूर से केशरी देवी ने सपा के पंधारी यादव को 171698 वोटों के अंतर से मात दी। इलाहाबाद से रीता बहुगुणा जोशी ने भी सपा के ही राजेंद्र संह पटेल को 184275 मतों के अंतर से हराया। यह चुनाव जीतकर दोनों महिलाएं पहली बार सांसद बनीं। बीजेपी की सेलेब्रिटी नेता हेमा मालिनी मथुरा से चुनाव जीतकर दोबारा सांसद बनीं। फतेहपुर से साध्वी निरंजन ज्योति 562584 मतों के साथ पहले स्थान पर रहीं। बदायूं से संघमित्रा मौर्य ने सपा के धर्मेंद्र यादव को हराकर 487592 मतों के साथ जीत हासिल की।
2014 में महिला उम्मीदवारों की संख्या
लोकसभा चुनाव में इस बार के मुकाबले पिछली बार महिलाओं की संख्या कुछ ठीक थी। इनमें से कुछ महिलाओं ने इस बार के चुनाव में भी जीत का स्वाद चखा, तो कुछ पीछे रह गईं। मथुरा लोकसभा सीट से पहली बार 2014 में पहली बार चुनाव लड़ने वाली हेमा मालिनी ने आरएलडी के जयंत चौधरी को करारी हार दी।पीलीभीत लोकसभा सीट से भाजपा की मेनका गांधी ने 5 लाख से अधिक वोटों से जीतकर सांसद पहुंची।शाहजहांपुर से भाजपा की कृष्णा राज ने जीत दर्ज की थी।धौरहरा से बीजेपी की रेखा वर्मा इसी सीट से चुनाव जीतकर सांसद पहुंची थीं।कांग्रेस का गढ़ मानी जाने वाली रायबरेली लोकसभा सीट पर पिछली बार भी सोनिया गांधी का दबदबा कायम रहा।उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार अजय अग्रवाल को 4 लाख से अधिक वोटों से हराया था।कन्नौज से डिंपल यादव ने भाजपा के सुब्रतो पाठक को हराया था।बीजेपी की उमा भारती ने झांसी से 579889 वोटों से जीत हासिल की।फतेहपुर से साध्वी निरंजन ज्योति ने 563735 वोट हासिल किए थे।बाराबंकी से प्रियंका सिंह रावत ने कांग्रेस के पीएल पुनिया को 2 लाख से अधिक वोटों से हराया था। बहराइच से सावित्री बाई फूले ने भाजपा के टिकट पर चुनाव जीता था। मिर्जापुर लोकसभा सीट से बीजेपी गठबंधन प्रत्याशी अनुप्रिया पटेल ने 585850 वोटों से जीत हासिल की थी।
Published on:
24 May 2019 05:21 pm
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