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आम आदमी पार्टी का दफ़्तर बंद कर सकते हैं योगी जी लेकिन सच की आवाज़ नहीं बंद हो सकती हैं : संजय सिंह

लखनऊ में गोमतीनगर में आम आदमी पार्टी के कार्यालय पर ताला लटका देख पार्टी के राज्यसभा सदस्य व यूपी प्रभारी संजय सिंह बिफरे

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आम आदमी पार्टी का दफ़्तर बंद कर सकते हैं योगी जी लेकिन सच की आवाज़ नहीं बंद हो सकती हैं : संजय सिंह

आम आदमी पार्टी का दफ़्तर बंद कर सकते हैं योगी जी लेकिन सच की आवाज़ नहीं बंद हो सकती हैं : संजय सिंह

लखनऊ. लखनऊ में गोमतीनगर में आम आदमी पार्टी के कार्यालय पर ताला लटका देख पार्टी के राज्यसभा सदस्य व यूपी प्रभारी संजय सिंह बिफर पड़े। इस पर संजय सिंह ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला बोलते हुए कहाकि, आम आदमी पार्टी का दफ़्तर बंद कर सकते हैं योगी जी लेकिन सच की आवाज़ नहीं बंद हो सकती हैं।

आप के कार्यालय को बंद देखकर संजय सिंह ने रविवार को अपने ट्वीट पर लिखा कि, योगी जी यह क्या बचकाना खेल रहे। मेरे कार्यालय पर ताला डलवा दिया। पुलिस भेजकर रात 12:00 बजे, सुबह 8:00 बजे और फिर 10:00 बजे मेरे मकान मालिक को धमकाया। इतनी मेहनत अपराध रोकने में करते तो जनता का भला होता। चिंता मत करो। हम आम आदमी हैं। सड़क पर कार्यालय खोल लेंगे, लेकिन आपके जुल्मी सरकार को बेनकाब करता रहूंगा। संजय सिंह के इस ट्वीट के बाद राजधानी के सियासी गलियारे में सियासत गर्म होने लगी है।

इसके बाद अपने दूसरे ट्विट में संजय सिंह ने लिखा कि, आम आदमी पार्टी का दफ़्तर बंद कर सकते हैं योगी जी लेकिन सच की आवाज़ नही बंद हो सकती, आपके जुल्म ज़्यादती के ख़िलाफ़ बोलता रहा हूँ और बोलता रहूंगा। बचकाना खेल खेलना बंद करो, लखनऊ में हूं गिरफ़्तार करो।

गोमती नगर के एसएचओ धीरज कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस ने किसी के पार्टी कार्यालय पर कोई ताला नहीं लगाया है। ना ही पुलिस वहां गई है। यह ताला किसने और क्यों लगाया?... इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस पर अनर्गल और निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हो सकता है मकान मालिक से उनमें किसी बात को लेकर कुछ विवाद हुआ हो। इस बारे में मकान मालिक से पूछताछ के बाद ही मामला स्पष्ट हो सकेगा, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है।

इस के बाद एक और ट्विट में एक शेर लिखा :—
शहर-शहर ये तबाही हमें क़ुबूल नही
निज़ामें ज़िल्ले इलाही हमें क़ुबूल नही
तुम्हारी तंग निगाही हमें क़ुबूल नही
सुबह के चेहरे पे सियाही हमें क़ुबूल नही।।