
अडानी ग्रुप ने लखनऊ एयरपोर्ट के चार्ज 10 गुना बढ़ाए
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ.Adani Group Lucknow Airport charges Increase Tariffs आखिरकार निजीकरण ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। पब्लिक प्राइवेट पाटर्नरशिप की पैरवी करने वालों के लिए एक बड़ा धक्का। अडानी ग्रुप ने अपने व्यपारिक दांव पेंच चलाने शुरू कर दिए हैं। लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का चार्ज अडानी ग्रुप ने दस गुना तक बढ़ा दिया है। निजी जेट और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 'टर्नअराउंड चार्ज' जैसे शुल्क को काफी मात्रा में बढ़ा दिया गया है। हवाई कम्पनियां इस फैसले से खुश नजर नहीं आ रही है। कम्पनियों का कहना है कि सुविधाएं नहीं बढ़ी है बस चार्ज ही बढ़ दिया गया है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि जयपुर समेत देश के पांच अन्य हवाई अड्डों पर टर्न अराउंड चार्ज जल्द बढ़ेगा।
छह हवाई अड्डों का संचालन अडानी ग्रुप के पास :- अडानी ग्रुप इस वक्त पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत देश के छह हवाई अड्डों का संचालन और प्रबंधन कर रही है। इस कम्पनी को 50 वर्ष का ठेका मिला है। अडानी समूह के पास लखनऊ, जयपुर, अहमदाबाद, गुवाहाटी, मैंगलोर और तिरुवनंतपुरम के हवाई अड्डों है। इन हवाई अड्डों का संचालन अडानी ग्रुप को ‘मासिक प्रति यात्री शुल्क’ के आधार पर सबसे अधिक बोली लगाने पर मिला। लखनऊ के लिए 171 रुपए की बोली लगाई गई थी। पहले के एयरपोर्ट को रेवेन्यु शेयरिंग मॉडल पर निजी हाथों में दिया जाता था।
एईआरए हर 5 साल में लेती है फैसला :- देशभर के एयरपोर्ट पर लगने वाले चार्ज, एयरपोर्ट इकनामिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) या सरकार निर्धारित करती हैं। एईआरए ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी है जो चार्ज में बदलाव का फैसला करती है। एईआरए हर 5 साल में इस पर फैसला करती है। लखनऊ एयरपोर्ट मामले में पिछले साल ही 5 साल की अवधि खत्म हो चुकी है, लेकिन अगले 5 साल के लिए चार्ज के संबंध में कोई फैसला नहीं किया गया है। साल 2020 में लखनऊ एयरपोर्ट अडानी के नियत्रण में आ गया है।
एक नई ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी नियुक्त :- बताया जा रहा है कि, हवाईअड्डा संचालक अडानी ग्रुप ने एक नई ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी को हायर किया है। जिसके चलते दस गुना तक चार्ज बढ़ाए गए हैं। पर नई कंपनी की नियुक्ति के बाद भी सर्विस क्वालिटी में कोई सुधार नहीं देखा गया है। टैरिफ बढ़ने से एयरलाइंस कंपनियां खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि सर्विस में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन टर्नअराउंड चार्ज बढ़ा दिये गए हैं। दस गुना तक चार्ज बढ़ाना ठीक नहीं है। ऐसी संभावना है कि बाकी पांच एयरपोर्ट के चार्ज बढ़ सकते हैं।
लखनऊ एयरपोर्ट :- लखनऊ एयरपोर्ट सन 1986 में बना था। हालांकि, इस एयरपोर्ट को 17 जुलाई 2008 को यात्रियों के लिए विकसित किया गया। मई 2012 में लखनऊ एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिया गया। दो जून 2012 से नया थ्री टियर का करीब दो हजार यात्रियों की क्षमता वाला घरेलू टर्मिनल भी शुरू हो गया। यहां से करीब 160 से अधिक विमानों का संचालन होता है। साल भर में 55 लाख यात्री सफर करते हैं।
अडानी के स्वामित्व में आने के बाद क्या हुआ क्या नहीं :-
अंतरराष्ट्रीय चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट का नाम नहीं बदेलगा।
पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की जगह अडानी ग्रुप का नाम।
एयरपोर्ट का रंग रोगन अडानी ग्रुप की जिम्मेदारी।
एयरपोर्ट के आउटसाइड दो कैंटीन खुलेगा।
यूएई ने भारत से उड़ानों का निलंबन 30 जून तक बढ़ाया :-
लखनऊ. यूपी सहित पूरे देश में कोरोनावायरस की वजह से संयुक्त अरब अमीरात ने भारत से आने वाली यात्री उड़ानों पर लगी रोक को 30 जून तक बढ़ा दिया है। वैसे तो उड़ानों पर रोक 25 अप्रैल से लगी हुई है। इन उड़ानों में से कई यूपी से भी जाती हैं। यूएई की वायुसेवा प्रदाता एमिरेट्स ने रविवार को अपनी वेबसाइट पर जारी संदेश में कहा कि उसने भारत से आने वाली यात्री उड़ानों पर जारी रोक को 30 जून तक बढ़ा दिया है। इससे पहले 14 जून तक यात्री उड़ानों पर रोक की घोषणा की गई थी।
Published on:
31 May 2021 03:27 pm

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