24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राम मंदिर के लिए बुलेट रानी ने ऐसा घंटा चढ़ाया, जिसकी गूंज 10 किमी तक देगी सुनाई

देश में बुलेट रानी के नाम से मशहूर राजलक्ष्मी मांडा ने अयोध्या में श्रीरामलला के मंदिर के लिए 613 किलोग्राम वजन का कांस्य का बना घंटा भेंट किया।

less than 1 minute read
Google source verification
राम मंदिर के लिए बुलेट रानी ने ऐसा घंटा चढ़ाया, जिसकी गूंज 10 किमी तक देगी सुनाई

राम मंदिर के लिए बुलेट रानी ने ऐसा घंटा चढ़ाया, जिसकी गूंज 10 किमी तक देगी सुनाई

लखनऊ. देश में बुलेट रानी के नाम से मशहूर राजलक्ष्मी मांडा ने अयोध्या में श्रीरामलला के मंदिर के लिए 613 किलोग्राम वजन का कांस्य का बना घंटा भेंट किया। राजलक्ष्मी मांडा रामरथ पर यह घंटा रख अयोध्या लाईं। कांस्य के बने इस घंटे की 17 सितंबर से शुरू हुई यात्रा 21 दिन में पूरी हुई। इस बीच यह रामरथ दस प्रदेशों के बीच से होकर गुजरा। राजलक्ष्मी मांडा देश में बुलेट रानी के नाम से मशहूर हैं। वे विश्व की दूसरी महिला हैं, जिन्होंने 9.5 टन वजन खींचने का विश्व रिकॉर्ड बनाया है।

रामनगरी में बन रहा श्रीराम मंदिर अपने आप में अदभुत और अनूठा होगा। राममंदिर में ऐसा घंटा लगेगा, जिसे एक बार बजाने के बाद ओम की ध्वनि निकलेगी। इसे 10 किमी दूर से सुना जा सकेगा। रामलला के अस्थाई मंदिर के लिए एक ऐसा घंटा भेंट किया गया है, जिससे ओम (ऊँ) की ध्वनि निकलेगी और जिसकी गूंज 10 किलोमीटर तक सुनाई देगी। 613 किलो का यह घंटा तमिलनाडु के रामेश्वरम से राजलक्ष्मी मांडा लेकर आईं हैं। भगवान राम को यह विशेष घंटा तमिलनाडु की लीगल राइट काउंसिल की ओर से बुधवार को भेंट किया। यह चार फीट ऊंचा है और इसकी चौड़ाई 3.9 फीट है।