
अजान पर सियासत तेज, मुस्लिम धर्मगुरु नाराज समर्थन में आए संत
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. यूपी में लाउडस्पीकर से अजान पर बवाल थमता नहीं दिख रहा है। रोजाना कुछ नई बयानबाजी इसमें जुड़ती जा रही है। इलाहाबाद कुलपति की शिकायत के बाद बीएचयू के छात्रों ने अपना विरोध दर्ज कराया। इसके बाद जब योगी सरकार के मंत्री ने लाउडस्पीकर से अजान (Azan) बंद करने को लेकर डीएम को पत्र लिखा तो बवाल मच गया। 'अजान' पर सियासत तेज हो गई, पक्ष-विपक्ष में आवाजें उठनी शुरू हो गई। अभी या बवाल थमा नहीं है इसमें अब तो एक नया मोड़ पर आ गया है। अब भाजपा मंत्री ने बुर्का (Burqa) पहनने पर भी रोक लगाने की भी बात की है।
लाउडस्पीकरों से अजान देता है दिक्कत :- अब तक तो मामला धीरे-धीरे बढ़ रहा था पर जब उत्तर प्रदेश के संसदीय कार्य राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला ने अपने विधानसभा क्षेत्र में मस्जिद से लाउडस्पीकरों को हटाने की मांग पर डीएम को पत्र लिखा। राज्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा था कि, तड़के चार बजे अजान शुरू हो जाती है और इसके बाद चंदे के संबंध में चार से पांच घंटे सूचना प्रसारित की जाती है। इस वजह से उन्हें पूजा-पाठ, योग, व्यायाम और शासकीय कार्य के निर्वहन में दिक्कत आती है। लिहाजा पुलिस फौरन हरकत में आ गई।
हिंदू-मुस्लिमों को लड़ाने की एक कोशिश : मौलाना यासूब अब्बास
इस बयान के बाद शिया धर्म गुरु और ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना यासूब अब्बास ने अफसोस जाहिर किया। कहाकि, यूपी सरकार के एक मंत्री ने अजान पर एतराज जताया हम इसकी निंदा करते हैं। हम सीएम योगी आदित्यनाथ से मांग करते हैं कि सरकारी पदों पर बैठे हुए लोग अजान पर जिस तरह से एतराज कर रहे हैं, यह हिंदू-मुस्लिमों को लड़ाने की एक कोशिश है। लगाम लगाई जानी चाहिए। हिंदुस्तान गंगा-जमुनी तहजीब का देश है। यहां मंदिरों में घण्टे और भजन-कीर्तन से जब मुसलमानों को ऐतराज़ नहीं होता तो हिंदू भाइयों को मस्जिदों में अजान से कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
मंदिरों में लाउडस्पीकर से चंदा मांगा जाता : नारद राय
अजान पर योगी के मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला के दिये बयान पर पूर्व मंत्री नारद राय ने जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अजान की आवाज को लेकर पत्र लिखने वाले राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला ने विकास के लिए कभी भी डीएम को पत्र नहीं लिखा। उन्होंने कहा कि राज्यमंत्री को छोड़ किसी को भी स्पीकर से अजान पर एतराज नहीं है। समाज का सौहार्द बिगाड़ने और उन्माद फैलाने के लिए उन्होंने यह पत्र लिखा है। पूर्व मंत्री यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि मस्जिदों में नहीं, मंदिरों में लाउडस्पीकर से चंदा मांगा जाता है।
मुस्लिम धर्मगुरु नाराज, समर्थन में आए अयोध्या के संत :- इलाहाबाद कुलपति संगीता श्रीवास्तव के बयान के बाद तमाम मुस्लिम धर्मगुरुओं ने अपना ऐतराज दर्ज कराया। मौलाना सैफ अब्बास ने कहा, 'अजान दो से तीन मिनट की होती है। अगर उन्होंने सुबह की आरती को लेकर भी शिकायत की होती तो मसला समझ में आता, लेकिन सिर्फ अजान को लेकर शिकायत पत्र देना ठीक नहीं है। वहीं सुन्नी धर्मगुरु मौलाना सुफियान निजामी ने कहा, 'मस्जिदों में अजान होती है तो मंदिरों में आरती भी होती है। जिस शहर से कुलपति आती हैं, वहां बड़ा कुंभ होता है, पूरे महीने लाउडस्पीकर की आवाजें उठती हैं। किसी भी मुसलमान ने कोई चिट्ठी नहीं लिखी। कांवर यात्रा निकलती है। मुझे लगता है कि यह सोची समझी साजिश का हिस्सा है जो नहीं होना चाहिए।'
समर्थन में अयोध्या में सरयू नित्य आरती अध्यक्ष महंत शशिकांत दास ने कहाकि, अगर हमारी पूजा से किसी को कष्ट हो तो वह पूजा व्यर्थ होती है। लाउडस्पीकर चलाकर आजान और पूजन किया जाए यह मानने योग्य नहीं है। बिना लाउडस्पीकर के भी हमारी पूजा अल्लाह हो या भगवान स्वीकार करते है।
बुर्का पहनने पर भी लगे रोक:- यूपी में अजान के बाद अब बुर्के पर भी विवाद शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश के संसदीय कार्य राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला (Anand Swaroop Shukla) ने बुधवार को कहाकि, बुर्का महिलाओं के लिए अमानवीय व्यवहार है। वहाबी मानसिकता यूपी में लागू न हो पाए इसलिए बुर्का पहनने की संस्कृति को खत्म कर देना चाहिए। जिस तरह सरकार ने तीन तलाक को खत्म किया, वैसे ही बुर्का पहनने को भी समाप्त कर देना चाहिए। कई देशों में बुर्के पर रोक लग चुकी है। भाजपा सरकार के मंत्री के इस इस बयान पर नाराज सपा नेता सुमैया राना ने कहाकि, भाजपा दोमुहा सांप हैं। उन्हें जींस से आपत्ति होती है और बुर्के से भी। बुर्के के बैन पर बात क्यों उठी है, अगर बुर्के को बैन किया जाएगा तो घूंघट पर भी बैन लगाया जाए। सपा नेता ने कहाकि, बुर्का सुरक्षा कवच है।
Published on:
25 Mar 2021 04:22 pm

बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
