
दलितों और खेत मजदूरों के लिए योगी सरकार का बजट निराशजनक: बृजलाल भारती
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. योगी सरकार के बजट की खिंचाई करते हुए उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन महासचिव बृजलाल भारती ने कहाकि, वर्ष 2021-22 के योगी सरकार के बजट ने दलितों और खेत मजदूरों को निराश किया है। इस बजट में दलितों के विकास के लिए कोई रूपरेखा प्रस्तुत नहीं की गई है।
यूपी खेत मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों के साथ ऑनलाइन चर्चा करते हुए बृजलाल भारती ने कहाकि, खेत मजदूरों और मनरेगा मजदूरों के लिए मजदूरी की दर मात्र 201 रुपए है जो नाकाफी है। 24 करोड़ जनसंख्या वाले प्रदेश में मनरेगा के लिए बजट आवंटन बहुत कम रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्र से पलायन रोकने के लिए साल में 200 दिन रोजगार की गारंटी तथा मजदूरी की दर 600 रुपए घोषित किए जाने की जरूरत है। सभी खेत मजदूरों, मनरेगा मजदूरों व गरीब किसानों को पेंशन की गारंटी होनी चाहिए।
सरकार की नीति निजीकरण की ओर :- बृजलाल भारती ने कहाकि, सरकार की नीति निजीकरण की ओर है इसलिए पीपीपी मॉडल को सामने लाया जा रहा है जबकि निजी क्षेत्र से सरकारी क्षेत्र के मुकाबले बहुत कम रोजगार मिलता है और निजी क्षेत्र हमेशा मजदूरों के श्रम का शोषण करता है और मामूली वेतन पर अधिक काम कराता है। निजी क्षेत्र दलितों व पिछड़ों को आरक्षण से भी वंचित करता है इसलिए मांग उठ रही है कि निजी क्षेत्र में भी आरक्षण लागू किया जाए।
रसोई गैस की बढ़ती कीमतें बिगाड़ रही बजट :- बृजलाल भारती ने कहाकि, डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस पर बढ़ती कीमतें रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। डीजल पेट्रोल की मूल कीमत 31 रुपए प्रति लीटर पर राज्य और केंद्र सरकार मिलाकर करीब 60 रुपए टैक्स जनता से वसूल कर रही हैं जबकि पड़ोसी देशों में पेट्रोलियम उत्पाद सस्ते हैं। रसोई गैस की बढ़ती कीमतें घरों का बजट बिगाड़ रही है। कुल मिलाकर यह बजट मेहनतकश जनता को निराश करने वाला है। चर्चा में अध्यक्ष सतीश कुमार उपाध्यक्ष शिवकुमार सहसचिव राजीव शांत व जियालाल ने हिस्सा लिया।
Published on:
01 Mar 2021 05:53 pm
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