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सवर्णों को खुश करने की कवायद, ओबीसी आरक्षण को तीन वर्गों में बांटने की तैयारी

- पिछड़े वर्ग को मिलने वाले 27 फीसदी आरक्षण के बंटेंगे तीन हिस्से - 39 जातियों को अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की तैयारियां, जिनमें कई सवर्ण जातियां शामिल

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सवर्णों को खुश करने की कवायद, ओबीसी आरक्षण को तीन वर्गों में बांटने की तैयारी

सवर्णों को खुश करने की कवायद, ओबीसी आरक्षण को तीन वर्गों में बांटने की तैयारी

लखनऊ. OBC reservation भाजपा सरकार ओबीसी आरक्षण का तीर चलाकर दो निशाने एक साथ साध रही है। पिछड़े वर्ग को मिलने वाले 27 फीसदी आरक्षण को तीन हिस्से में बांटने जा रही है। वहीं प्रदेश की 39 जातियों को अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की तैयारियां भी शुरू कर दी है। इसमें कई सवर्ण वर्ग की जातियां हैं। इस नए फार्मूले से भाजपा का जहां वोट बैंक मजबूत होगा वहीं भाजपा अपनी इच्छानुसार विरोधी जातियों को कम आरक्षण दे सकती है।

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पिछड़ा वर्ग सामाजिक न्याय समिति ने सौंपी रिपोर्ट :- यूपी में ओबीसी आरक्षण का सबसे अधिक फायदा यादव, कुर्मी, कुशवाहा और जाट समुदाय ले रहा है। अधिकतर यादव तो अपनी पार्टी को ही वोट देते हैं। इस पर गंभीरता दिखाते हुए योगी सरकार ने सत्ता में आते ही जस्टिस राघवेंद्र कुमार की अगुवाई में 4 सदस्यीय उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग सामाजिक न्याय समिति का गठन किया। जिसने अपनी रिपोर्ट 2019 में सरकार को सौंपी दी थी।

27 प्रतिशत आरक्षण के तीन हिस्से :- उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग सामाजिक न्याय समिति ने अपनी रिपोर्ट में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को तीन हिस्सों में बांटने की सिफारिश की है। पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा और सर्वाधिक पिछड़ा। पिछड़ी जातियों में यादव, अहीर, जाट, कुर्मी, सोनार, चौरसिया सरीखी जातियों को 7 फीसदी आरक्षण देने की सिफारिश की गई है। अति पिछड़ा वर्ग की 65 जातियों को 11 प्रतिशत और सर्वाधिक पिछड़ा मल्लाह, केवट, निषाद, राई, गद्दी, घोसी, राजभर जैसी 95 जातियों को 9 प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश की गई है।

39 जातियों में कई सवर्ण जातियां :- उत्तर प्रदेश में ओबीसी की सूची में इस समय 79 जातियां शामिल हैं। ओबीसी की आबादी प्रदेश की कुल जनसंख्या का 54 प्रतिशत है। आायोग 39 जातियों को अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए आयोग उत्तर प्रदेश सरकार को संस्तुति भेजेगा। अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल होने वाली नई 39 जातियों में अधिकतर जातियां सवर्ण वर्ग से आती हैं। जैसे भूर्तिया, अग्रहरि, दोसर वैश्य, जैसवार राजपूत, रूहेला, मुस्लिम शाह, मुस्लिम कायस्थ, हिन्दू कायस्थ, बर्नवाल, कमलापुरी वैश्य, कोर क्षत्रिय राजपूत, दोहर, अयोध्यावासी वैश्य, केसरवानी वैश्य, बागवान, ओमर बनिया, माहौर वैश्य, हिन्दू भाट, भट्ट, गोरिया, बोट, पंवरिया, उमरिया, नोवाना, मुस्लिम भाट। ऐसा कर भाजपा सरकार सवर्णों को अपने साथ मजबूती संग जोड़ने की कवायद में है।