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कोरोना वायरस को दूर भगाने का एक बड़ा उपाय नवरात्र व्रत, सात्विक भोजन रामबाण

चैत्र नवरात्र का आज तीसरा दिन है। मां चंद्राघंटा की आज पूर्जा अर्चना की जाती है। नवरात्र व्रत और फलहार कोरोना वायरस से मुकाबले में रामबाण साबित हो सकते हैं। आयुर्वेद के अनुसार व्रत में सिर्फ सात्विक भोजन किया जाता है, यह सात्विक भोजन कोरोना वायरस संक्रमण का सामना करने में बहुत मददगार साबित हो है। नवरात्र व्रत में अधिक समय तक खाली पेट न रहें।

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कोरोना वायरस को दूर भगाने का एक बड़ा उपाय नवरात्र व्रत, सात्विक भोजन रामबाण

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लखनऊ. चैत्र नवरात्र का आज तीसरा दिन है। मां चंद्राघंटा की आज पूर्जा अर्चना की जाती है। नवरात्र व्रत और फलहार कोरोना वायरस से मुकाबले में रामबाण साबित हो सकते हैं। आयुर्वेद के अनुसार व्रत में सिर्फ सात्विक भोजन किया जाता है, यह सात्विक भोजन कोरोना वायरस संक्रमण का सामना करने में बहुत मददगार साबित हो है। नवरात्र व्रत में अधिक समय तक खाली पेट न रहें।

केजीएमयू के आयुर्वेद परामर्शदाता डॉ सुनीत मिश्र ने बताया कि इस वक्त सबसे जरुरी है कि अपने अंदर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जाए। प्रतिरोधक क्षमता इस वक्त कोरोना वायरस को हराने में बेहद कारगर साबित होगी। आयुर्वेद में इसक उपाय हैं। आयुष विभाग ने एक एडवाइजरी भी जारी की है।

डॉ सुनीत मिश्र ने बताया कि नवरात्र शुरू हो गए हैं इसलिए जो लोग व्रत रख रहे हैं, उनका प्रतिरक्षण का सामना करना बहुत आसान हो जाएगा। वे इस वक्त सरसों का तेल, मसाले, लहसुन, प्याज और अन्य तामसिक चीजों का सेवन नहीं करेंगे। सादा भोजन करें। फलाहार करें। कम नमक खाएं। देसी घी का उपयोग करें। इससे उनकी इम्युनिटी बढ़ेगी।

खाली पेट रहना नुकसानदायक :- केजीएमयू के आयुर्वेद परामर्शदाता मिश्र बताते हैं कि लौंग गटक कर या पूरे दिन में केवल एक गिलास दूध पीकर जो लोग व्रत रखते हैं, संक्रमण का ये वक्त उनके लिए मुफीद नहीं है। खाली पेट अधिक समय रहना नुकसानदायक हो सकता है। कोराना संक्रमण आपको अपनी चपेट में ले सकता है।

कुछ दवाएं हैं मुफीद :- डॉ सुनीत ने इस वक्त आयुर्वेद की कुछ दवाओं को लेने की सलाह दी है। अगस्त्य हरितिकी (5 ग्राम) दिन में दो बार गरम पानी के साथ, संशमनी वटी (500) दिन में दो बार, त्रिकटु का चूर्ण 5 ग्राम ले सकते हैं। एक लीटर पानी में तुलसी की 3 से 5 पत्तियां उबालें। जब ये पानी आधा रह जाए तो ठंडा करके घूंट-घूंट करके पिएं। अणु तेल या तिल के तेल की दो बूंद रोजाना सुबह नाक में डालें। गर्म पानी और नमक के गरारे करते रहे गले में होने वाले संक्रमण से बचेंगे।