
सांप्रदायिक विभाजन की राजनीति को धार देने में जुटी भाजपा : हीरालाल यादव
लखनऊ. CPIM Hiralal Yadav BJP Attack भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) राज्य सचिव हीरालाल यादव ने यूपी की भाजपा सरकार पर जमकर हमला किया। उन्होंने कहाकि, भाजपा किसान आंदोलन और कोरोना से निपटने में हुई असफल और पंचायत चुनावों में बुरी तरह पराजित होने के बाद से 2022 के विधानसभा चुनावों में खोयी ताकत को पुनः हासिल करने के उद्देश्य से सांप्रदायिक विभाजन की राजनीति को धार देने में जुट गई है। संघ परिवार ने अवांछित, अपवित्र और अमानवीय विभाजन एवं ध्रुवीकरण के वास्ते अपने सभी आउटफिट्स को मैदान में उतार दिया है।
वामदलों की आनलाइन हुई बैठक में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव डा. गिरीश, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राज्य सचिव डा. हीरालाल यादव, भाकपा माले के राज्य सचिव का. सुधाकर यादव, फारबर्ड ब्लाक के राज्य संयोजक अभिनव कुशवाह एवं मित्र दल- लोकतांत्रिक जनतादल के प्रदेश अध्यक्ष जुबैर अहमद कुरैशी शामिल थे।
जहरीली शराब से सौ मरे पर जिम्मेदारी से भागी भाजपा :- इस बैठक में वाम दलों ने कई मुद्दों पर भाजपा सरकार को आइना दिखाते हुए जवाब मांगा। हीरालाल यादव ने आरोप लगाते हुए कहाकि, जहरीली शराब से करीब सौ गरीबजनों की मौतों के लिए जिम्मेदार भाजपा ने अपनी जिम्मेदारी से कंधे झटकते हुए जनपद अलीगढ़ के एक गांव में दलितों और अल्पसंख्यकों के बीच के एक मामूली विवाद को इस कदर हवा दी है कि वह आज विभाजन की राजनीति का केन्द्र बनता जा रहा है।
नूरपुर मामले को तूल देने की कोशिश :- हीरालाल यादव ने कहाकि, थाना टप्पल के गांव नूरपुर में नमाज के वक्त बारात चढ़त को लेकर मामूली विवाद हुआ था, जो शान्त भी हो गया था। पर भाजपा सांसद, विधायकों और कथित हिंदूवादी संगठनों ने उसे मुजफ्फरनगर जैसा ध्रुवीकरण का केन्द्र बनाने में पूरी ताकत झोंक दी है। अस्तित्वविहीन एआईएमआईएम की हरकतों का भी वह लाभ उठा रही है। सभी जानते हैं कि भाजपा धर्मनिरपेक्ष शक्तियों को कमजोर करने को एआईएमआईएम और उसके नेता ओवैसी का बड़ी चतुराई से इस्तेमाल करती रही है।
गो संरक्षण गृहों में गोवंशों भूखे प्यासे :- हीरालाल यादव ने कहाकि, सरकारी गो संरक्षण गृहों में गोवंशों के लिए न चहारदीवारी है न ही उनके खाने पीने और इलाज की व्यवस्था। भूखे प्यासे गोवंश जब चारे पानी की तलाश में निकल कर कहीं दम तोड़ देते हैं तो भाजपा के गोत्रीय संगठन इसे गोहत्या का मामला बना कर पुलिस पर अल्पसंख्यकों को फंसाने को दबाव बनाते हैं। गोशालाओं या व्यापार के लिए ले जाये जा रहे वाहनों को रोक कर जानबूझ कर स्टंट खड़ा करते हैं। अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, बुलंदशहर, आगरा, फिरोजाबाद में हाल में ऐसी कई घटनाओं की आड़ में उपद्रव फैलाने की कोशिश की गई।
Published on:
08 Jun 2021 05:11 pm
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