
Corona
लखनऊ. कोरोना को गंभीरता से लेते हुए लखनऊ में इससे बचाव के लिए जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने ज़ोनल क्विक रिस्पांस टीमों का गठन कर दिया है। इसके तहत लखनऊ को आठ जोन में बांटा गया है, जिसमें जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम के अधिकारी व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों को शामिल किया गया है। इसी के साथ ही कोरोना की रोकथाम में रुकावट लाने वाले व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेजा जाएगा। साथ ही उससे जुर्माना भी वसूला जाएगा।
शहर बंटा आठ जोन में-
लखनऊ जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने शनिवार को हुई हाई लेवल मीटिंग के बाद कोरोना की रोकथाम के लिए 'रेपिड रेस्पॉन्स टीम' के गठन के आदेश दिया। रिस्पांस टीम में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम के अधिकारी तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों को शामिल किया गया है। शहर को 8 जोनों में बांटा गया है और हर जोन में टीम गठित गई है। ग्रामीण क्षेत्र के लिए अलग से टीम का गठन करने के निर्देश दिए गए हैं. हर जोन में एक लिंक अस्पताल को चिन्हित किया जाएगा।
होगी कार्रवाई-
इसी के साथ ही जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कोरोना वायरस की रोकथाम में सहयोग न करने व रुकावट डालने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। डीएम अभिषेक प्रकाश ने बताया कि कोरोना वायरस का कोई भी संदिग्ध रोगी या उसके संपर्क वाला व्यक्ति अगर जांच नहीं करवाता है व जांच करने के लिए पहुंची टीम का सहयोग नहीं करता है, तो इसे बाधा डालकर माहौल खराब करने का आरोपी मानते हुए उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। व उसे 6 महीने की कैद के साथ 1000 जुर्माना भी देना होगा।
Updated on:
14 Mar 2020 10:16 pm
Published on:
14 Mar 2020 10:14 pm
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