
लखनऊ में अकीदत और भाईचारे के साथ मनाई गई ईद-उल-अजहा, टीले वाली मस्जिद में उमड़ी नमाजियों की भारी भीड़ (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
Bakrid at Teele Wali Masjid Eid Namaz: नवाबों के शहर Lucknow में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार शनिवार को पूरे धार्मिक उत्साह, अकीदत और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही राजधानी की ईदगाहों और मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ऐतिहासिक Teele Wali Masjid में बड़ी संख्या में लोगों ने ईद की नमाज अदा की और देश में अमन-चैन, खुशहाली, तरक्की तथा आपसी भाईचारे की दुआ मांगी।
सुबह होते ही शहर की मस्जिदों के बाहर लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी थी। सफेद कुर्ता-पायजामा और पारंपरिक पोशाकों में लोग परिवार और बच्चों के साथ नमाज अदा करने पहुंचे। मस्जिदों और ईदगाहों के बाहर उत्साह और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला।
लखनऊ की ऐतिहासिक टीले वाली मस्जिद में इस बार भी हजारों नमाजियों ने एक साथ ईद की नमाज अदा की। सुबह से ही यहां नमाजियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। मस्जिद परिसर और आसपास की सड़कों पर लोगों का हुजूम नजर आया।
नमाज के बाद लोगों ने हाथ उठाकर देश की तरक्की, समाज में भाईचारे और दुनिया में अमन कायम रहने की दुआ की। नमाजियों ने कहा कि ईद-उल-अजहा त्याग, कुर्बानी और इंसानियत का संदेश देने वाला पर्व है, जो लोगों को एक-दूसरे के साथ प्रेम और सद्भाव से रहने की सीख देता है। नमाज समाप्त होने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। बच्चों और युवाओं में त्योहार को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया। कई स्थानों पर लोगों ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाई और खुशियां साझा कीं।
ईद-उल-अजहा के मौके पर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट नजर आई। संवेदनशील इलाकों, प्रमुख मस्जिदों, ईदगाहों और चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। टीले वाली मस्जिद समेत शहर की प्रमुख मस्जिदों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।
प्रशासन की ओर से ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी की गई। शहर के कई संवेदनशील इलाकों में हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी गई ताकि किसी भी तरह की अफवाह या अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह अलर्ट रखा गया था। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई थी और यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे।
ईद के मौके पर प्रशासन और आम लोगों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। लोगों ने भी कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का पूरा सहयोग किया। नमाज के दौरान मस्जिदों और ईदगाहों के बाहर स्वयंसेवकों की टीम भी सक्रिय नजर आई, जो लोगों को व्यवस्थित तरीके से अंदर जाने और बाहर निकलने में मदद करती रही। प्रशासन की सतर्कता और नागरिकों की समझदारी के कारण पूरे शहर में शांतिपूर्ण माहौल बना रहा। कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना सामने नहीं आई।
ईद-उल-अजहा का त्योहार सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि त्याग, इंसानियत और भाईचारे का संदेश भी देता है। इस मौके पर लोगों ने जरूरतमंदों की मदद करने और समाज में प्रेम व सौहार्द बनाए रखने का संकल्प भी लिया।
धार्मिक विद्वानों ने कहा कि बकरीद का त्योहार हमें कुर्बानी और मानवता की राह पर चलने की प्रेरणा देता है। यह पर्व लोगों को आपसी भेदभाव भूलकर एक-दूसरे के करीब आने का संदेश देता है। लखनऊ में भी इस त्योहार के दौरान गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। अलग-अलग समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे को ईद की शुभकामनाएं दीं और सामाजिक सौहार्द का परिचय दिया।
ईद के मौके पर बच्चों और युवाओं में अलग ही उत्साह नजर आया। नए कपड़े पहनकर बच्चे परिवार के साथ मस्जिद पहुंचे और नमाज अदा करने के बाद अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से मिले। शहर के बाजारों में भी त्योहार की रौनक देखने को मिली। मिठाई, सेवइयों और पारंपरिक व्यंजनों की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ी रही। कई परिवारों ने घरों में खास पकवान तैयार किए और त्योहार की खुशियां मनाईं। युवाओं ने सोशल मीडिया पर भी ईद की शुभकामनाएं साझा कीं। शहर के कई इलाकों में लोगों ने सामूहिक रूप से त्योहार मनाकर भाईचारे की मिसाल पेश की।
त्योहार को लेकर प्रशासन पहले से ही पूरी तैयारी में जुटा हुआ था। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कई दिनों पहले संवेदनशील इलाकों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। ड्रोन कैमरों के अलावा सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की गई। पुलिस कंट्रोल रूम से पूरे शहर की गतिविधियों पर नजर रखी गई। अधिकारियों ने कहा कि त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए हर स्तर पर आवश्यक कदम उठाए गए थे।
लखनऊ में ईद-उल-अजहा का त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। नमाजियों ने देश और प्रदेश में शांति, खुशहाली और तरक्की की दुआ मांगी। त्योहार के अवसर पर लोगों के चेहरों पर खुशी और अपनापन साफ नजर आया। मस्जिदों और ईदगाहों में उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि त्योहार लोगों को जोड़ने और समाज में प्रेम बढ़ाने का माध्यम होते हैं। प्रशासन की सतर्कता, सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी और जनता के सहयोग से राजधानी में ईद-उल-अजहा का पर्व पूरी शांति और भाईचारे के साथ संपन्न हुआ।
Updated on:
28 May 2026 04:06 pm
Published on:
28 May 2026 04:01 pm
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