
अमावस्या पर सोने-चांदी में दिखी मजबूती, लखनऊ सराफा बाजार में बढ़े भाव, खरीदारी को लेकर बाजार में उत्साह (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)
Lucknow Gold and Silver Rates on Amavasya: अमावस्या के शुभ अवसर पर राजधानी लखनऊ के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती देखने को मिली। धार्मिक दृष्टि से अमावस्या का विशेष महत्व होने के कारण बड़ी संख्या में लोग सोने-चांदी की खरीदारी के लिए बाजार पहुंचे। चौक सर्राफा बाजार समेत शहर के प्रमुख आभूषण बाजारों में ग्राहकों की अच्छी आवाजाही रही। सराफा व्यापारियों का कहना है कि त्योहारी और शुभ मुहूर्त के कारण बाजार में खरीदारी का माहौल बना हुआ है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और डॉलर की स्थिति का असर घरेलू कीमतों पर लगातार दिखाई दे रहा है।
लखनऊ सर्राफा एसोसिएशन की ओर से जारी खुदरा दरों के अनुसार 24 कैरेट सोने का भाव 1,47,500 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। वहीं 22 कैरेट सोना 1,36,200 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोना 1,12,500 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। इसके अलावा 999 शुद्धता वाली चांदी का भाव 2,25,000 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया। इन दरों में जीएसटी, मेकिंग चार्ज और हॉलमार्किंग शुल्क शामिल नहीं हैं, जिन्हें अलग से देना होगा।
भारतीय परंपरा में अमावस्या को कई लोग दान-पुण्य के साथ-साथ सोना और चांदी खरीदने के लिए भी शुभ मानते हैं। मान्यता है कि इस दिन की गई खरीदारी घर में सुख-समृद्धि और आर्थिक मजबूती का प्रतीक होती है। इसी कारण सुबह से ही सराफा बाजारों में ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली। कई लोगों ने आभूषणों के साथ-साथ सोने और चांदी के सिक्कों की भी खरीदारी की। व्यापारियों के अनुसार निवेश के उद्देश्य से भी ग्राहकों की अच्छी संख्या बाजार में पहुंची।
चौक सर्राफा के वरिष्ठ व्यापारी विनोद माहेश्वरी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। इसके अलावा डॉलर की चाल, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और निवेशकों की मांग का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि फिलहाल कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, लेकिन इसके बावजूद शुभ अवसर होने के कारण खरीदारी में कोई खास कमी नहीं आई है।
उन्होंने बताया कि निवेश करने वाले ग्राहकों के अलावा शादी-विवाह के लिए भी लोग आभूषण खरीद रहे हैं। आने वाले त्योहारों और विवाह सीजन को देखते हुए बाजार में मांग और बढ़ने की संभावना है।
सराफा व्यापारियों का कहना है कि अब ग्राहक पहले की तुलना में अधिक जागरूक हो गए हैं। अधिकांश लोग केवल हॉलमार्क वाले आभूषण ही खरीद रहे हैं। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की हॉलमार्किंग व्यवस्था लागू होने के बाद ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ा है। व्यापारी ग्राहकों को खरीदारी के समय बिल लेने और हॉलमार्क की जांच करने की सलाह दे रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक अनिश्चितताओं के दौर में सोना हमेशा सुरक्षित निवेश माना जाता है। यही कारण है कि कीमतों में तेजी के बावजूद निवेशक सोने की खरीदारी कर रहे हैं। वहीं चांदी में भी औद्योगिक मांग बढ़ने के कारण इसके भाव मजबूत बने हुए हैं। कई निवेशक लंबे समय के लिए सोना और चांदी खरीदना बेहतर विकल्प मान रहे हैं।
सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि आने वाले त्योहारों और विवाह सीजन को देखते हुए बाजार में कारोबार और बढ़ने की संभावना है। रक्षा बंधन, जन्माष्टमी, गणेश उत्सव, नवरात्रि और दीपावली जैसे पर्वों के दौरान सोने-चांदी की खरीदारी में पारंपरिक रूप से तेजी आती है। इसके साथ ही विवाह सीजन शुरू होने पर आभूषणों की मांग में और वृद्धि होने की उम्मीद है।
व्यापारियों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता है तो घरेलू बाजार में कीमतें इसी दायरे में बनी रह सकती हैं। हालांकि वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और डॉलर की चाल के अनुसार कीमतों में बदलाव संभव है।
सर्राफा बाजार के जानकारों का कहना है कि ग्राहकों को सोना या चांदी खरीदते समय केवल अधिकृत और प्रतिष्ठित दुकानों से ही खरीदारी करनी चाहिए। साथ ही खरीद का पक्का बिल अवश्य लें, हॉलमार्क की जांच करें और मेकिंग चार्ज तथा जीएसटी की जानकारी पहले ही प्राप्त कर लें। इससे भविष्य में आभूषण बेचने या बदलवाने में किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी।
अमावस्या के शुभ अवसर पर लखनऊ के सराफा बाजार में खरीदारी का उत्साह साफ दिखाई दिया। ऊंची कीमतों के बावजूद धार्मिक आस्था, निवेश की सोच और आगामी त्योहारों की तैयारियों ने बाजार में रौनक बनाए रखी। व्यापारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भी ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी और सराफा कारोबार में अच्छी तेजी देखने को मिलेगी।
Updated on:
14 Jul 2026 10:11 am
Published on:
14 Jul 2026 09:39 am
