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लखनऊ सबसे प्रदूषित: नेता चुनाव में व्यस्त, पब्लिक प्रदूषण से पस्त

न सफाई न छिड़काव, ऐसे में यूपी रहेगा सबसे प्रदूषित। पुराने वाहन पर रोक के अलावा सरकार ने नहीं ढ़ूंढ़ा कोई समाधान

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लखनऊ. लखनऊ देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, लखनऊ की हवा देश में सबसे जहरीली है। मंगलवार को तो ये शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 484 पॉइंट रहा जो देश में सबसे ज्यादा था। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ऐसी स्थितियों के लिए कौन जिम्मेदार है। एक्सपर्ट्स की मानें तो धूल भी इस प्रदूषण का बड़ा कारक है। इसके अलावा वर्तमान में न तो सफाई हो रही और न ही पानी का छिड़काव किया जा रहा है।

धुआं और धूल है कारण

एक्सप‌र्ट्स के मुताबिक, शहर में इन दिनों मेट्रो का काम चल रहा है। इस वजह से हर जगह जाम लग रहा है। शहर में बड़ी संख्या ऐसे वाहनों की भी है जो मानक से ज्यादा धुआं छोड़ रहे हैं। कई जगह चल रहे निर्माण कार्यों से उठ रही धूल भी दिक्कत बढ़ा रही है। अपील के बावजूद लोग कूड़ा जलाने से बाज नहीं आ रहे। यही सब कारण हालात को और बिगाड़ रहे हैं। लखनऊ नगर निगम पहले सड़कों की मशीन से सफाई कराता था और प्रमुख मार्गो पर पानी भी छिड़कवाता था, लेकिन वर्तमान में न तो सफाई हो रही और न ही पानी का छिड़काव किया जा रहा है। जबकि दिल्ली में सड़कों की सफाई के साथ ही पानी भी छिड़का जा रहा है। ताकि पेड़ों और सड़कों पर जमी धूल बैठ जाए। लेकिन यहां ऐसा नहीं हो रहा।

नेता प्रचार में व्यस्त

इन दिनों नगर निकाय चुनाव में सभी दल जुटे हैं। ऐसे में अधिकतर नेता भी उसी में व्यस्त हैं। सभी अपने-अपने कैंडिडेट्स का प्रचार कर रहे हैं। नगर निगम कार्यालय में भी चर्चा चुनाव को लेकर ही है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर प्रदूषण से प्रदेशवासियों को कौन बचाएगा। मीडिया में लगातार खबरें आने के बाद सीएम की ओर से इसको लेकर बैठक बुलाई गई है। वाहनों के धुंए, निर्माण कार्यों के चलते सीमेंट और मौरंग की धूल व डीजल के जलने पर निकलने वाली हानिकारक गैसों ने प्रदूषण बढ़ा दिया है।

देश में सर्वाधिक प्रदूषित शहर

शहर--एक्यूआई


लखनऊ--484
गाजियाबाद--467
कानपुर--448
मुरादाबाद--420
नोएडा--410

लालबाग, अलीगंज का हाल सबसे बुरा

शहर में लालबाग, अलीगंज और तालकटोरा का हाल सबसे खराब रहा। यहां पीएम 2.5 का स्तर 500 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर से ऊपर ही दर्ज किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीएम कौशलराज शर्मा ने वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार एलडीए और मेट्रो समेत 13 विभागों की बैठक बुलाई और उन्हें जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी एलडीए और आवास विकास समेत 22 सरकारी और निजी डिवेलपरों को लापरवाही के आरोप में नोटिस जारी किया है।

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