
राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदला, पीएम मोदी के फैसले से सीएम योगी सहित पूरा यूपी खुश
लखनऊ. मेजर ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त 1905 को प्रयागराज में हुआ था। उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। मेजर ध्यानचंद को सम्मान देने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने आज राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदल दिया है। अब यह पुरस्कार मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार (Major Dhyan Chand Khel Ratna Award ) के नाम से जाना जाएगा। यूपी की जनता और खिलाड़ी पीएम मोदी के इस फैसले से बेहद खुश हैं। यूपी के सीएम योगी ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए पीएम मोदी को धन्यवाद कहा है।
देशवासियों का आग्रह को पूरा किया :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने ट्वीट के जरिए यह जनकारी देते हुए बताया कि, देश को गर्वित कर देने वाले पलों के बीच अनेक देशवासियों का आग्रह सामने आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित किया जाए। लोगों की भावनाओं को देखते हुए, इसका नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किया जा रहा है।'
राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार (Rajiv Gandhi Khel Ratna Award) क्या है? :- भारतीय खेलों के सर्वोच्च पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार है। यह सत्र 1991-92 में शुरु किया गया था। इस पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ी को प्रशस्ति पत्र, अवॉर्ड और 25 लाख रुपए की राशि दी जाती है। सबसे पहला खेल रत्न पुरस्कार पहले भारतीय ग्रैंड मास्टर विश्वनाथन आनंद को दिया गया था। अब तक 45 लोगों को ये अवॉर्ड दिया जा चुका है।
सम्पूर्ण खेल जगत का सम्मान : सीएम योगी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुशी जताते हुए अपने ट्विट पर लिखा कि, उत्तर प्रदेश में जन्मे हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी के नाम पर खेल रत्न पुरस्कार का नामकरण असंख्य खेल प्रेमियों व सम्पूर्ण खेल जगत का सम्मान है। उत्तर प्रदेश की ओर से आपका हृदय से आभार आदरणीय प्रधानमंत्री जी!
Published on:
06 Aug 2021 03:20 pm
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