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राजनाथ और योगी दिखाएंगे मेट्रो को हरी झंडी, लेकिन ऐसी स्थिति में जानता आखिर क्यों करे सफर ?

सवाल उठने लगा है कि क्या प्रायोरिटी फेज पर मेट्रो का कमर्शियल रन कामयाब रहेगा?

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लखनऊ

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Dikshant Sharma

Sep 04, 2017

lucknow metro

Lucknow Metro

लखनऊ। आगामी 6 सितंबर से जनता मेट्रो में सफ़र कर सकेगी। सीएम योगी आदित्यनाथ और राजनाथ सिंह मेट्रो में सफर कर इसका उद्धघाटन 5 सितम्बर को करेंगे। मेट्रो के उत्साह के बीच कुछ राजधानी वासियों में मेट्रो के प्रति क्रेज है तो कुछ मेट्रो के किराय को ज़्यादा मानते हैं। उपर से मेट्रो स्टेशनों पर पार्किंग की व्यवस्था न होने से जाम की समस्या भी बढ़ सकती है। इन मुद्दों को देखते हुए ये सवाल उठने लगा है कि क्या प्रायोरिटी फेज पर मेट्रो का कमर्शियल रन कामयाब रहेगा?

मेट्रो में सफर 'थोड़ा' महंगा
लखनऊ मेट्रो में सफर, बस और ऑटो के मुकाबले थोड़ा महंगा पड़ेगा। ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग तक जाने के लिए फिलहाल ऑटो से 24 रुपय देने पड़ते हैं और सिटी बस में 10 से 12 रुपए। जबकि लखनऊ मेट्रो की ने अपना किराया 30 रूपए तय किया है।

कृष्णा नगर निवासी दुर्लभ कुमार ने कहा कि मेट्रो एक अच्छी पहल है। लेकिन दिल्ली मेट्रो की सफलता का मुख्य कारण था कम किराया। जैसे ही दिल्ली मेट्रो के दाम बढे यात्रियों की संख्या घट गयी।

मेट्रो का क्रेज पैदा कर सकता है जाम की समस्या
वहीँ दूसरी ओर मेट्रो प्रशासन का मानना है कि पहले दिन लगभग 50 हजार यात्री मेट्रो में सफ़र करेंगे। पहले तीन दिन में 2 लाख यात्री सफर कर मेट्रो का अनुभव ले सकते हैं। लेकिन किसी भी स्टेशन पर मेट्रो द्वारा पार्किंग की व्यवस्था नहीं की गयी है। लोगों को महोल्लों से स्टेशन तक कनेक्टिविटी के लिए फीडर बस चलने की योजना थी जो अभी अधर में है। ऐसे में जो यात्री मेट्रो तक अपनी गाड़ियों से जाएंगे उनके सामने पार्किंग की समस्या आएगी जिससे जाम लग सकता है। कानपुर रोड वैसे ही जाम से झूझती है ऐसे में ये एक बड़ी कश्मकश है कि क्या मेट्रो का क्रेज़ जाम से झूझने पर मजबूर करेगा।

आलमबाग की व्यापारी नीतू मनचंदा ने कहा कि आलमबाग में अक्सर गलत पार्किंग से जाम लगता है। सरकारी पार्किंग भी चालू नहीं हो सकी है। आलमबाग से जो यात्री मेट्रो का लुफ्त उठाना चाहेंगे वे अपनी गाड़ियां कहाँ लगाएंगे ? जाम की समस्या और बढ़ेगी।

लखनऊ मेट्रो के सीनियर पीआरओ अमित श्रीवास्तव ने कहा कि मेट्रो एक रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम है। इसका मकसद ही होता है कि लोग अपने साधनों को छोड़ पब्लिक ट्रांसपोर्ट से यात्रा करें। फीडर बस सेवा के लिए प्रयास जारी हैं। जल्द ही ये शुरू कर दी जाएगी।