
LMRC ने उत्तर-दक्षिणी काॅरीडोर में किया लोड टेस्ट
लखनऊ. लखनऊ मेट्रो रेल काॅर्पोरेशन ने शुक्रवार को उत्तर-दक्षिणी काॅरीडोर (फेज़-1ए) के बैलेंस सेक्शन के वायडक्ट (पुल) का दो मेट्रो ट्रेनों द्वारा सफलतापूर्वक ‘लोड टेस्ट’ (भार परीक्षण) किया। चौधरी चरण सिंह हवाईअड्डे से मुंशीपुलिया तक समग्र 22.878 कि.मी. लंबे काॅरीडोर पर सार्वजनिक सेवा आरंभ करने की दिशा में अग्रसर लखनऊ मेट्रो के लिए यह एक और मील का पत्थर है। एलएमआरसी के प्रबंध निदेशक कुमार केशव द्वारा विधिवत पूजा के बाद चारबाग मेट्रो स्टेशन पर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों और अभियंताओं की उपस्थिति में परीक्षण का आरंभ किया गया।
लोड टेस्टिंग के लिए दो मेट्रो ट्रेन चारबाग से प्रातः 6.30 बजे रवाना हुईं और गोमती नदी पर 177 कि.मी लंबे नवनिनिर्मित बैलेंस्ड कैंटीलीवर पुल पर पहुंचीं जहां यह पुल पर 24 घण्टे खड़ी रहेगी। गोमती पुल पर लोड टेस्ट के बाद मेट्रो ट्रेनें आगे बढ़ेंगी और निशातगंज के निकट 60 मीटर लंबे स्पेशल स्टील स्पैन पर पहुंच पुनः 24 घण्टे खड़ी होंगी। स्पेशल स्टील स्पैन पर सभी परीक्षणों और आजमाइशों से गुजरने के बाद, मेट्रो ट्रेन 31 दिसंबर, 2018 को वापस चारबाग पहुंचेंगी। एलएमआरसी के तरफ से उत्तर-दक्षिणी काॅरीडोर के बैलेंस सेक्शन पर सिग्नलिंग ट्रायल और परीक्षण के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं जिससे सरकार द्वारा तय समय- सीमा से पूर्व इसे जनता के लिए आरंभ किया जा सके।
परीक्षण को सफल बनाने के लिए एलएमआरसी ने हाल ही में ओवरहेड इलेक्ट्रीफिकेशन (ओएचई) का कार्य समाप्त किया था और ट्रैक्शन में बिजली की पूर्ति के लिए मध्यरात्रि से ओएचई को चार्ज किया गया था। अब यह एक कीर्तिमान है कि इतने बड़े स्तर पर कोई मेट्रो प्रोजेक्ट अपने तय समय सीमा से पहले ही समाप्ति की ओर बढ़ रहा है।इस अवसर पर सबको संबोधित करते हुए प्रबंध निदेशक,कुमार केशव ने कहा कि, ‘यह एलएमआरसी के लिए एक बहुत ही खास दिन है। मैं एलएमआरसी की पूरी टीम, जीसी और इतने कम समय में इस जटिल कार्य को पूरा करने वाले हमारे काॅन्ट्रेक्टर्स द्वारा की गई कड़ी मेहनत और समर्पण की प्रशंसा करता हूं और वे सभी इसके लिए बधाई के पात्र हैं।’
Published on:
28 Dec 2018 09:19 pm
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