
धार्मिक कट्टरता के खिलाफ अभियान चलाएगा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ऑफ इंडिया, तालिबानी सोच वाले होंगे बेनकाब
लखनऊ. अब मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ऑफ इंडिया धार्मिक कट्टरता के खिलाफ अभियान चलाएगा। इस प्रस्ताव पर बोर्ड में सहमति बनी। इसके अलावा यह माना गया कि, तालिबानी विचारधारा कट्टरवाद पर आधारित है और यह सभी धर्म के मानने वालों लोगों में मौजूद है। बोर्ड हर धर्म में छिपे तालिबानी सोच के लोगों को बेनकाब करेगा।
वर्तमान वक्फ एक्ट में संशोधन की मांग :- लखनऊ में मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड आफ इंडिया की दो दिनी राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक हुई। बोर्ड के राष्ट्रीय महासचिव डा. मुईन अहमद ने कहाकि, धर्मिक कट्टरता समाज और राष्ट्र को खोखला कर रही है। सूफीवादी विचारधारा के सूफी संतों की अगुवाई में देश में सद्भाव का वातावरण स्थपित करना हमारी पहली प्राथमिकता है। वर्तमान वक्फ एक्ट में केंद्र सरकार को संशोधन करना चाहिए, जिससे सूफीवादी विचारधारा सुरक्षित हो और कट्टरता को हराना आसान हो।
पुराना बोर्ड विफल रहा :- डा. मुईन अहमद ने कहाकि, पुराना आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड सभी मामलों पर विफल संगठन होने के साथ वह अपनी वहाबी विचारधारा तक सीमित है। जिससे वजह से नया बोर्ड गठित करना पड़ा। इसमें 22 राज्यों का प्रतिनिधित्व है। बैठक में सभी धर्मों में सद्भावना के लिए संवाद, समन्वय का अभियान शुरू करने का प्रस्ताव पारित किया गया। बोर्ड अध्यक्ष मौलाना कारी यूसुफ अज़ीज़ी की अध्यक्षता और रियाजुद्दीन कादरी के संचालन में बैठक हुई।
तालिबान को नहीं रोका गया तो भारत के लिए बन जाएगा बड़ा खतरा : कल्बे जव्वाद
शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहाकि, तालिबान के खिलाफ दुनिया में एकजुटता नहीं दिख रही है। अगर समय पर तालिबान को नहीं रोका गया तो ये भारत के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है। उरई में एक धार्मिक कार्यक्रम में मौलाना कल्बे जव्वाद ने अफगानिस्तान के बिगड़े हालात पर दुख जताते हुए चिंता व्यक्त की कि, तालिबान को अमेरिका और इजरायल ने खड़ा किया है। यह जानवरों का एक संगठन है। कल्बे जव्वाद ने कहाकि, तालिबान को रोकना बहुत जरूरी है। इस समय पूरी दुनिया अफगानिस्तान की तरफ देख रही है पर तालिबान के खिलाफ दुनियाभर में एकजुटता की कमी है। समय रहते तालिबान पर नकेल कसनी बहुत जरूरी है।
Published on:
24 Aug 2021 08:56 pm

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