दो सदस्य होने पर गुप्त मतदान :- यूपी विधानसभा उपाध्यक्ष का चुनाव गुप्त मतदान कराने का प्रावधान है। चुनाव से एक दिन पूर्व मध्यान्ह से पहले कोई सदस्य निर्वाचन के लिए दूसरे सदस्य का नाम-निर्देशन पत्र प्रमुख सचिव को देगा, जिस पर प्रस्तावक के रूप में उस सदस्य के हस्ताक्षर होंगे। साथ ही समर्थक के रूप में किसी तीसरे सदस्य के हस्ताक्षर होंगे। उपाध्यक्ष पद केलिए जिसका नाम प्रस्तावित किया गया होगा, वह सदस्य भी लिखकर देगा कि निर्वाचित होने पर वह उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करने के लिए तैयार है। निर्वाचन के पूर्व किसी भी समय कोई भी अभ्यर्थी मौखिक या लिखित रूप से सूचना देकर अपना नाम वापस ले सकेगा। उपाध्यक्ष पद के लिए एक से अधिक सदस्य का नामांकन होने पर प्रत्येक सदस्य मतदान शलाका (गुप्त मतदान या बैलट) के माध्यम से किया जाएगा।