सूत्रों के अनुसार TCS कंपनी के इस फैसले की सबसे बड़ी वजह यह बताई जार रही है कि यह कंपनी विभूति खंड स्थित अवध पार्क में किराए पर चल रही है। इसके मालिक ने किराया बाजार दर पर बढ़ाने का निर्णय लिया जिसके बाद यह स्थियाँ पैदा हो गई हैं। उसके पास लखनऊ में अपनी बिल्डिंग नहीं है। न इतने संसाधन हैं कि निर्माण करवा सके। लखनऊ में 400 आईटी प्रोफेशनल और वाराणसी में नया केंद्र खोल कर वहां भी करीब 300 प्रोफेशनल को काम पर रखेगी। इससे पहले जनवरी में बिल्डर द्वारा टीसीएस के लिए की गई अवध पार्क की 10 साल की लीज मई 2017 में खत्म होने की बात सामने आई थी। क्षेत्रीय प्रमुख अमिताभ तिवारी ने तब ‘अमर उजाला’ को बताया था कि लीज खत्म होने की खबरें भ्रामक हैं। हालांकि तब भी उन्होंने इमारत की लीज को लेकर कोई बात कहने से इन्कार किया था। अब सामने आया है कि मई 2017 में लीज 11 महीने के लिए रीन्यू की गई है, जो अप्रैल 2018 में खत्म हो जाएगी। इस दौरान टीसीएस अपना काम समेटेगी।