
OP Singh
लखनऊ. लखनऊ विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षकों पर हुए हमले के मामले में डीजीपी ओपी सिंह ने सख्त तेवर अपनाए हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय में हुई अराजकता व गुंडई प्रकरण को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के स्वत: संज्ञान लेने के बाद विश्वविद्यालय के वीसी प्रोफेसर एसपी सिंह के साथ शिक्षकों ने भी डीजीपी ओपी सिंह से भेंट की। इसके बाद ओपी सिंह ने तत्काल एक्शन लिया जिसमें सीओ महानगर का तबादला करने के साथ ही विश्वविद्यालय चौकी इंचार्ज को निलंबित किया गया है।
दोषी पहुंच जेल-
डीजीपी ओपी सिंह से आज दिन में कुलपति प्रोफेसर एसपी सिंह के साथ शिक्षक संघ ने भेंट की। इसके बाद डीजीपी ओपी सिंह ने सीओ महानगर अनुराग सिंह का तबादला कर दिया जबकि लखनऊ विश्वविद्यालय चौकी इंचार्ज पंकज मिश्रा को निलंबित करने का आदेश दिया है। इसी के साथ ही इस प्रकरण के दोषी माने जा रहे छात्र आशीष मिश्रा बॉक्सर, अंकित सिंह बाबू व आयूष मिश्रा को जेल भेज दिया गया है।
स्थानीय पुलिस की हुई शिकायत-
वीसी के साथ ही शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी से भेंट करने के बाद स्थानीय पुलिस की काफी शिकायत की। पुलिस की कार्यशैली से नाराज लविवि प्रशासन ने डीजीपी से सख्त से सख्त कार्यवाही की मांग की थी। इस दौरान आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही और गिरफ्तारी की मांग उठाई। इसके बाद डीजीपी ने इस पूरे प्रकरण की जांच के बाद और सख्त कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।
राजभवन ने तलब की पूरी रिपोर्ट-
इस पूरे प्रकरण में राजभवन ने भी मामले की पूरी रिपोर्ट लखनऊ यूनिवर्सिटी से मांगी है। तो वहीं यूनिवर्सिटी से संबद्ध डिग्री कॉलेजों ने भी मामले में शुक्रवार से दाखिले बंद रखने का ऐलान कर दिया है। लखनऊ यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (लुआक्टा) की जनरल बॉडी मीटिंग में फैसला लिया गया है कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती और लापरवाही करने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की जाती, शिक्षकों का कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। इसकी के साथ 6 जुलाई से डिग्री कॉलेजों में दाखिले बंद कराने की बात कही है।
Published on:
05 Jul 2018 06:49 pm
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