यूपी में कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए सीएम योगी ने कमर कसी, तैयारियां हुई तेज

Corona third wave UP CM Yogi : पर भारत सरकार के चीफ वैज्ञानिक सलाहकार की तीसरी लहर की चेतावनी के बाद यूपी सरकार पहले से ही अलर्ट हो गई है। बताया जा रहा है कि तीसरी लहर में कोरोना के निशाने पर बच्चों रहेंगे।

By: Mahendra Pratap

Updated: 12 May 2021, 04:19 PM IST

लखनऊ. Corona third wave UP CM Yogi : कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने उत्तर प्रदेश में हाहाकार मच दिया है। यूपी सरकार कोरोना की दूसरी लहर के इस बेलगाम रवैए से बेखबर थी। पर देर सही सीएम योगी आदित्यनाथ और उनकी टीम-9 ने इस पर काबू पा लिया है। संक्रमण कम हो गया है। पर भारत सरकार के चीफ वैज्ञानिक सलाहकार की तीसरी लहर की चेतावनी के बाद यूपी सरकार पहले से ही अलर्ट हो गई है। बताया जा रहा है कि तीसरी लहर में कोरोना के निशाने पर बच्चों रहेंगे। इस जानकारी के बाद सीएम योगी ने यूपी के 75 जिलों में अपने मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करना शुरू कर दिया है। कोविड अस्पताल, बेड, उपकरण, वेंटिलेटर, जांच यंत्र, दवाइयां, पैरा मेडिकल स्टाफ सबमें बढ़ोतरी की जा रही है। इसके साथ ही प्रत्येक जिला चिकित्सालय में 10 बेड तथा हर मेडिकल काॅलेज में कम से कम 25 बेड का पेडियेट्रिक आईसीयू (पीकू) को बनाने का काम युद्धस्तर पर शुरू हो गया है।

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सबक से सरकार हुई मजबूत :- साल 2019 कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए की गई व्यवस्थाएं बाद में कोरोना की रफ्तार धीमी पड़ते ही बंद कर दी गईं थी। जिस वजह से मार्च 2021 महीने में जब कोरोना बढ़ा तो शुरुआती दिक्कतें आनी लगीं। पर बाद में सरकार ने बेहतर कोविड प्रबंधन से स्थिति संभाल ली लेकिन उससे सबक भी लिया। इस सबक को आत्मसात करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ कोरोना वायरस की तीसरी लहर में कोई चूक नहीं होने देना चाह रहे हैं।

प्रत्येक जिला चिकित्सालय में बनेंगे पीकू :- कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए नुकसानदायक रहेगी इसको ध्यान कर सीएम योगी ने प्रत्येक जिला चिकित्सालय में 10 बेड तथा हर मेडिकल काॅलेज में कम से कम 25 बेड का पेडियेट्रिक आईसीयू (पीकू) बनाने का निर्देश जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग एक साथ मिलकर व्यापक कार्ययोजना बनाकर यथाशीघ्र कार्य शुरू करने जा रहे हैंं। प्रत्येक मण्डल मुख्यालय में दोनों विभागों मिलकर 100 बेड का पीकू तैयार करेंगे। इसके साथ ही पीडियाट्रिशियन्स को प्रशिक्षण भी देने की तैयारी है।

गांवों में सदिग्धों पर पैनी नजर :- सीएम योगी ने गांवों में कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए स्क्रीनिंग और टेस्टिंग कार्य को तेज कर दिया है। संदिग्ध लोगों को मेडिकल किट के साथ उनके नाम, टेलीफोन नम्बर की सूची तैयार की जा रही है। इस सूची के जरिए जिलाधिकारी आईसीसीसी के माध्यम से सम्बन्धित व्यक्ति की निगरानी कर सकते हैं।

निजी एम्बुलेंस का किराया तय किया :- सूबे के सभी जिलाधिकारियों यह जिम्मदारी सौंपी गई है कि वे अपने जनपद में उपलब्ध प्रत्येक वेंटिलेटर, आक्सीजन कंसन्ट्रेटर की कार्यशील अवस्था के बारे में पता लगाएं। मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा तथा प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा इन उपकरणों की कार्यशीलता की समीक्षा करेंगे। साथ ही सभी जनपदों में एनेस्थीटिक्स व टेक्नीशियन की व्यवस्था की जा रही है। रेमडेसिविर इंजेक्शन की उपलब्धता और उसके दुरुपयोग रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं। निजी एम्बुलेंस का किराया कई जिलों में निर्धारित कर दिया गया है और बाकी जगह एक दो दिन में यह आदेश जारी कर दिए जाएंगे।

टेस्टिंग कार्य तेज किए गए :- टेस्टिंग कार्य के कार्य को पूरी क्षमता से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। मंगलवार को बीते 24 घंटों में 2,33,705 टेस्ट किये गए, इनमे 1,16,000 से अधिक टेस्ट आरटीपीसीआर विधि से किये गए।

अधिक से अधिक वैक्सीनेशन कराना लक्ष्य :- कोरोना वैक्सीनेशन कार्य को तेज किया जा रहा है। सीएम योगी की मंशा है कि अक्टूबर तक प्रदेश की अधिकतर आबादी कोरोना वायरस वैक्सीनेशन कर चुकी हो। इसलिए 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग का वैक्सीनेशन का कार्य सभी जनपदों में संचालित करने के लिए कार्ययोजना बनाई गई है। जिसे शीघ्र ही लागू किया जाएगा। प्रदेश में 18 से 44 साल तक की उम्र वालों का टीकाकरण ग्राफ 1.66 लाख पहुंच गया है। इसमें हर दिन बढ़ोत्तरी हो रही है। अब तक यूपी में कुल एक करोड़ 40 लाख 70 हजार 927 लोगों का टीकाकरण हो चुका है।

ऑक्सीजन की कमी न हो :- यूपी अब ऑक्सीजन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की तैयारी कर रहा है ताकि लाखों मरीजों को एक वक्त में जरूरत पड़ने पर आक्सीजन की आपूर्ति की जा सके। इसके लिए बड़े पैमाने पर निजी निवेशक विभिन्न जिलों में आक्सीजन प्लांट लगा रहे हैं। सरकार को कोशिश उत्पादन ही नहीं, उसकी आपूर्ति, परिवहन, टैंकर यानी पूरी लाजस्टिक चेन की मुकम्मल व्यवस्था करने की है। इसीलिए जल्द यूपी आक्सीजन उत्पादन आपूर्ति नीति बनने जा रही है। प्रदेश में आक्सीजन की बैकअप सहित पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी सम्भव कदम उठाए जा रहे हैं। होम आइसोलेशन के कोविड संक्रमित मरीजों को आवश्यकतानुसार आक्सीजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। आक्सीजन का आडिट किया जा रहा है। मंगलवार तक प्रदेश में 1,011 मीट्रिक टन आक्सीजन की आपूर्ति हुई है। जिसे जरूरत है उसे आक्सीजन मिले सरकार का यह लक्ष्य है।

आधारभूत इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जा रहा है : स्वास्थ्य मंत्री

कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं पर स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप ने कहाकि, बच्चों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा आधारभूत इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। बच्चों के लिए आईसीयू बेड और अन्य इंतजाम भी जिला स्तर पर किए जा रहे हैं, क्योंकि विशेषज्ञों की राय है कि तीसरी लहर का असर बच्चों पर ज्यादा दिखेगा।

सीएम योगी को डब्ल्यूएचओ ने सराहा :- एक बार फिर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने योगी सरकार के कोविड प्रबंधन पर मुहर लगाई है। ग्रामीण इलाकों में राज्य सरकार के कोरोना ट्रेसिंग मॉडल को डब्ल्यूएचओ ने सराहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपनी वेबसाइट पर यूपी सरकार के कोविड प्रबंधन की खुलकर तारीफ की है। कोरोना की पहली लहर में भी योगी सरकार के शानदार कोविड मैनेजमेंट की डब्ल्यूएचओ समेत देश और दुनिया में जमकर तारीफ हुई थी।

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