यूपी ग्राम पंचायत चुनाव 2020 धीरे धीरे अपने रंग में आ रही है। पूरी संभावना है कि मार्च 2021 में पंचायत चुनाव के लिए वोटिंग पड़े।
लखनऊ. यूपी ग्राम पंचायत चुनाव 2020 धीरे धीरे अपने रंग में आ रही है। पूरी संभावना है कि मार्च 2021 में पंचायत चुनाव के लिए वोटिंग पड़े। सरकार भी तेजी दिखा रही है। जहां वह वोटिंग लिस्ट दुरुस्त कर रही है वहीं गांव में कोई विवाद न घट जाए इस पर तमाम खुफियां एजेंसियां निगाहें रखे हुई हैं। खुफिया एजेंसियां की प्राथमिकता में सबसे उपर गांवों में चल रही लव स्टोरियां हैं। चारों तरफ जासूस घूम रहे हैं और हर लड़के लड़कियां पर संदेह भरी नजर रखे हैं। आगामी पंचायत चुनाव में ये मामले किसी बड़े विवाद की वजह न बन जाएं, इसके लिए पहले से ही एहतियात बरती जा रही है।
11 बिंदुओं पर जुटाई जा रही है जानकारी:- उत्तर प्रदेश के एडीजी (इंटेलिजेंस) एसबी शिरोडकर की तरफ से पिछले दिनों एक पत्र जारी किया गया है। उन्होंने पंचायत चुनाव के मद्देनजर 11 बिंदुओं पर जानकारी जुटाने का निर्देश दिया है। इसमें एक बिंदु प्रेम-प्रसंग भी है। एलआईयू और इंटेलिजेंस को गांव-गांव में चल रहे अवैध प्रेम संबंध के मामले इकट्ठा करने होंगे। वर्तमान में गांव में क्या स्थिति है, पुलिस ने कोई कार्रवाई की है या नहीं, विवाद आदि पर जानकारी जुटानी होगी। कई बार ऐसा होत है कि ऐसे प्रेम प्रसंग खतरनाक रंग ले लेते हैं। बवाल हो जाता है। जिसे रोकने में सरकार को काफी कोशिश करनी पड़ती है। खुफिया पुलिस ऐसी जानकारियां जुटा कर सचेत रहना चाहती है।
दूसरे मुद्दों पर भी है नजर :- पंचायत चुनाव के मद्देनजर गांव में खुफिया विभाग की नजर ऐसे लोगों पर भी है जो अचानक अमीर बन गए। जातीय विवाद, जमीन विवाद, धर्मस्थल विवाद के मामलों पर भी सतर्कता से काम हो रहा है। पंचायत चुनाव में क्या विवाद हो सकता है, इसका पूर्वानुमान लगाते हुए पहले से सूचना मांगी गई है।
खुफिया एजेंसियां सतर्क :- पंचायत चुनाव को लेकर पुलिस से लेकर खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पंचायत चुनावों के ठीक एक साल बाद ही विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए इनकी महत्ता और बढ़ जाती है। एसएसपी मेरठ अजय साहनी का कहना है कि, पंचायत चुनाव की वजह से गांवों से सूचनाएं एकत्र कराई जा रही हैं। एलआईयू और इंटेलिजेंस इकाइयां भी इस पर काम कर रही हैं।