12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

यूपी में अब शादी का पंजीकरण होगा अनिवार्य, अगर यह काम किया तो जेल और जुर्माना भी

UP marriage Registration Compulsory - दस राज्यों में पहले से ही है यह कानून

2 min read
Google source verification
यूपी में अब शादी का पंजीकरण होगा अनिवार्य, अगर यह काम किया तो जेल और जुर्माना भी

यूपी में अब शादी का पंजीकरण होगा अनिवार्य, अगर यह काम किया तो जेल और जुर्माना भी

लखनऊ. UP marriage Registration Compulsory शीघ्र ही उत्तर प्रदेश में विवाह पंजीकरण अनिवार्य हो जाएगा। शादी विवाह में होने वाली हेराफेरी से बचने के लिए यूपी सरकार ने कमर कस ली है। राज्य विधि आयोग ने मसौदा तैयार कर लिया है। आयोग अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एएन मित्तल ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है। अध्ययन चल रहा है। विचार करने के बाद यह शीघ्र लागू हो जाएगा। शादी पंजीकरण में अगर किसी ने गलत अथवा झूठी सूचनाएं दी तो सजा और जुर्माने की सिफारिश भी की गई है। देश के दस राज्यों में शादी का पंजीकरण अनिवार्य है।

Coronavirus vaccination : अब यूपी के युवाओं की बारी, सात शहरों में एक मई से होगा वैक्सीनेशन

विवाह पंजीकरण का प्रोफॉर्मा तैयार :- आयोग ने विवाह पंजीकरण का प्रोफॉर्मा तैयार कर लिया है। झूठी सूचनाएं देने पर दो साल की सजा व 10 हजार रुपए जुर्माने की सिफारिश की गई है। साथ ही विवाह पंजीकरण से जुड़ी सभी सूचनाएं वेब पोर्टल पर उपलब्ध कराने की भी सिफारिश की गई है।

दस राज्य में काननू लागू :- देश के इन राज्यों राजस्थान, तेलंगाना, त्रिपुरा, पंजाब, मेघालय, तमिलनाडु, झारखंड, हरियाणा, दिल्ली व उत्तराखंड में विवाह के अनिवार्य पंजीकरण को लेकर कानून बन चुका है।

बाल विवाह पर भी लगेगा अंकुश :- राज्य विधि आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एएन मित्तल ने सीएम योगी को भेजे पत्र में कहाकि, दांपत्य संबंधी विवाद होने पर पुरुष, महिला को अपनी पत्नी मानने से इनकार कर देता है। इससे महिला भरण पोषण, संपत्ति में हिस्से से वंचित हो जाती है। विवाह पंजीकरण के अनिवार्य होने से ऐसा नहीं होगा और बाल विवाह पर भी अंकुश लगेगा।

एक माह के अंदर पंजीकरण अनिवार्य :- राज्य विधि आयोग ने अपनी रिपोर्ट में यूपी में मैरिज आफिसर नियुक्त करने की बात कहीं है। कानून लागू होने के बाद सभी धर्म के लोगों को एक माह में पंजीकरण अनिवार्य होगा। सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एएन मित्तल ने बताया कि कानून लागू होने के बाद पंजीकरण न होने के आधार पर कोई विवाह अवैध अथवा अमान्य नहीं होगा।

एक नियमावली लागू है :- यूपी सरकार ने वर्ष 2017 में विवाह पंजीकरण को लेकर एक नियमावली लागू की थी। महिला बाल विकास विभाग को नियमावली के तहत पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए थे। एनआरआइ के लिए भी सख्ती की व्यवस्था की गई है।