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न हों परेशान, सबके लिए व्यवस्था कर रही है योगी सरकार

आश्रितों को मिलेंगे पचास लाख रुपएअनियमित मजदूरों को 1000 रुपए देने की तैयारी 20 लाख श्रमिकों को राहत पुलिस के लिए 47 करोड़ रुपए से पीपीई किट महीने में दो बार राशन

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न हों परेशान, सबके लिए व्यवस्था कर रही है योगी सरकार

न हों परेशान, सबके लिए व्यवस्था कर रही है योगी सरकार

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में यह लगभग तय हो ही गया है कि कोरोना वायरस के खात्मे के लिए लॉकडाउन का दूसरा फेस 30 अप्रैल तक बढ़ेगा। संभवत घोषणा एक-दो दिन में हो ही जाएगी। देश के सात प्रदेशों ने अपने यहां इसे लागू कर दिया है। पहले 21 दिन फिर संभावित 16 दिन के लॉकडाउन में आम जनता आवश्यक वस्तुओं को लेकर परेशान न हो इसलिए उत्तर प्रदेश की सरकार ने गरीबों, मजदूरों, किसानों के लिए जरूरी व्यवस्था की है। साथ ही उन कोरोना वारियर्स के मनोबल को बढ़ाने के लिए एक योजना जारी की है, जिसमें अगर कोरोना की वजह से कोई हादसा हो जाता है तो संविदा कर्मियों समेत सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों को 50 लाख रुपए दिए जाएंगे।

आश्रितों को मिलेंगे पचास लाख रुपए :- उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस से बचाव कार्य में लगे संविदा कर्मियों समेत सभी राज्य कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले में बचाव कार्य में लगे राज्य कर्मचारियों की कोरोना वायरस से कोई अनहोनी होने पर उनके आश्रितों को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार ने शनिवार को जारी आदेश में कहाकि इसके लिए सभी विभागों, निगमों, स्वायत्तशासी संस्थाओं, प्राधिकरणों आदि के सभी सरकारी, अर्धसरकारी, संविदा कर्मी, दैनिक वेतनभोगी, आउटसोर्सिंग के कर्मी, स्थाई, अस्थाई कर्मियों को पात्र माना जाएगा। कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम, उपचार, बचाव कार्य में चिकित्सा विभाग के अलावा काफी संख्या में विभिन्न विभागों के कर्मी दिन-रात ड्यूटी कर रहे हैं।

ऐसे कर्मियों में संक्रमण की आशंका हमेशा बनी रहती है। इसे ध्यान रखते हुए सरकार ने संक्रमण से मौत होने पर सामाजिक सुरक्षा देने के लिए उनके आश्रितों को 50 लाख रुपए अनुग्रह राशि देने का फैसला किया है। इसके लिए संबंधित जिलों के डीएम अधिकृत होंगे। आश्रितों को यह पैसा देने के लिए कार्यालयाध्यक्ष का प्रमाण पत्र और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ सीएमओ का प्रमाण देना होगा। यह पैसा स्टेट डिजास्टर रेस्पांस फंड मद से दिया जाएगा। इसे वित्त विभाग के शनिवार मिली सहमति के आधार पर जारी किया जा रहा है।

अनियमित मजदूरों को 1000 रुपए देने की तैयारी :- प्रदेश सरकार के पास भवन निर्माण में लगे तीस लाख अन्य पंजीकृत मजदूरों को भी एक 1000 रुपए देने का प्रस्ताव विचाराधीन है। यह प्रस्ताव श्रम विभाग ने प्रदेश सरकार को भेजा है। यह ऐसे श्रमिक हैं जो पंजीकरण का नवीनीकरण नियमित रूप से नहीं करा सके हैं। इस प्रस्ताव पर अमल करने के लिए भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण में संशोधन करना पड़ेगा। उसके बाद संशोधन प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी लेनी पड़ेगी।

20 लाख श्रमिकों को राहत :- श्रम विभाग के पास उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड के तहत करीब 50 लाख पंजीकृत मजदूर हैं। इनमें से 20 लाख नियमित श्रमिकों के खाते में प्रवेश सरकार ने आपदा राहत सहायता योजना के तहत 1000 रुपए डालने का फैसला किया है। ताकि दिहाड़ी मजदूर अपना व अपने परिवार का पालन पोषण कर सकें। यह नियमित मजदूर श्रम विभाग में 20 रुपए सालाना देकर अपने पंजीकरण को नवीनीकरण करा सकते हैं। 30 लाख मजदूरों ने अपना पंजीकरण नहीं कराया है। जिस वजह से ये इस सहायता से वंचित रहे हैं।

पुलिस के लिए 47 करोड़ रुपए से पीपीई किट :- उत्तर प्रदेश में पुलिसकर्मियों को पीपीई किट दी जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस के इस्तेमाल करने के लिए पीपीई किट आदि अन्य आवश्यकताओं जैसे-सैनेटाइजर, डिस्पोजेबल मास्क-ग्लव्स खरीदने के लिए 47 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इस धनराशि का उपयोग करते हुए डिस्पोजेबल मास्क के स्थान पर प्रत्येक पुलिस कर्मी को कपड़े के 2 मास्क, जो प्रतिदिन धोने के पश्चात पुनः उपयोग हो सकते हैं, को क्रय किया जाएगा।

महीने में दो बार राशन :- लॉकडाउन की वजह से मजदूर और गरीबों के सामने आए रोजी-रोटी का संकट योगी सरकार दूर करने का प्रयास कर रही है। योगी सरकार ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के मजदूरों और गरीबों के लिए मुफ्त राशन वितरण कर रही है। उत्तर प्रदेश में अंत्योदय योजना, श्रम विभाग में पंजीकृत मनरेगा के दायरे में आने वाले मजदूर, निर्माण श्रमिक और शहरी क्षेत्र के राशन कार्डधारक दिहाड़ी मजदूरों को योगी सरकार ने मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाया है।

प्रदेश के बाकी राशन कार्डधारकों को पहले की तरह तीन रुपए प्रति किलो चावल और दो रुपए प्रति किलो गेहूं दिया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से सभी राशन कार्डधारकों को 15 अप्रैल से फ्री खाद्यान्न दिया जाएगा। इस तरह अगले तीन माह तक हर महीने दो बार अनाज बांटे जाने की योजना है। हर महीने की पहली तारीख से पहले की तरह से सशुल्क और 15 तारीख से प्रति व्यक्ति पांच किलो खाद्यान्न बंटेगा। इस तरह से महीने में दो बार राशन दिया जाएगा।