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करीब चार हजार ग्राम पंचायतों के लिए बड़ा ऐलान, अब होगी इनकी आसान राह

प्रदेश की करीब चार हजार ग्राम पंचायतों के लिए एक बड़ी खुशखबरी पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम की तकनीकी खामियां नहीं हो सकी दूर

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करीब चार हजार ग्राम पंचायतों के लिए बड़ा ऐलान, अब होगी इनकी आसान राह

करीब चार हजार ग्राम पंचायतों के लिए बड़ा ऐलान, अब होगी इनकी आसान राह

लखनऊ. प्रदेश की करीब चार हजार ग्राम पंचायतों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पैसे के संकट से जूझ रही इन चार हजार ग्राम पंचायतों के ग्राम निधि के खाते बदल दिए जाएंगे। अब इनका एक नया खाता नम्बर होगा। एक महीने के अंदर इस समस्या को दूर कर दिया जाएगा। इन ग्राम पंचायतें में पीएफएमएस पर रजिस्टर्ड बैंक खातों में तकनीकी समस्या आ रही है।

पंचायतीराज विभाग ने यह फैसला इसलिए लिया है क्योंकि ग्राम प्रधानों द्वारा विभिन्न मदों में भुगतान करने के लिए बीती 15 अगस्त से अनिर्वाय किये गये पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) की तकनीकी खामियां इन खातों में दूर नहीं की जा सकी हैं। इसके अलावा इनमें तमाम खाते ऐसे भी है जिनकी खाता संख्या पहले चार या छह अंकों वाली थी जबकि अब खाते 11 व 13 खातों की संख्या वाले हो गए हैं।

इस संबंध में 26 दिसम्बर 2019 को तत्कालीन पंचायतीराज निदेशक डा. ब्रम्हदेवराम तिवारी ने सभी जिला पंचायत राज अधिकारियों (डीपीआरओ) को पत्र लिख कर निर्देश दिए थे कि इसी क्रम में जिला पंचायत राज अधिकारी अपने-अपने जिले के खण्ड विकास अधिकारी व सहायक विकास अधिकारी को पत्र लिखकर पंचायतों के ग्राम निधि के खाते बदलवाएं।

इस पत्र में पंचायतीराज निदेशक के 26 दिसम्बर को जारी पत्र का हवाला देते हुए कहा गया है कि ऐसी ग्राम पंचायतें जिनमें पीएफएमएस पर रजिस्टर्ड बैंक खातों में तकनीकी समस्या आ रही है। उन ग्राम पंचायतों का किसी अन्य बैंक शाखा खोले जाने की अनुमति प्रदान करते हुए, समस्या वाली ग्राम पंचायतों का बैंकों में संचालित ग्राम निधि का खाता परिवर्तित करवाएं। पत्र में आगे कहा गया है कि परिवर्तित खाता पीएफएमएस पर अपडेट कर भुगतान की कार्यवाही पीफएमएस और प्रिया साफ्ट की एकीकृत व्यवस्था से करवाए जाने के निर्देश जारी किए हैं।

पंचायतीराज निदेशालय के अधिकारी ऐसे खातों की संख्या एक से डेढ़ हजार बता रहे हैं जबकि राष्ट्रीय पंचायतीराज ग्राम प्रधान संगठन के प्रवक्ता ललित शर्मा के अनुसार ऐसे खातों की तादाद करीब चार हजार हैं। शर्मा के अनुसार पुराने खाते बंद कर नए खाते खुलवाने की प्रक्रिया में चूंकि जिला पंचायतराज अधिकारी ग्राम प्रधान और सहायक विकास अधिकारी (एडीओ पंचायत) को अधिकृत करते हैं और उसके बाद ही नया खाता खुलता है इसलिए इसमें 15 दिन से एक महीने तक का समय लगेगा। इसके बाद ही पुराने खाते में जमा धन इस नये खाते में स्थानांतिरत हो सकेगा। इस वजह से भी इन खातों से त्वरित भुगतान न होने की वजह से ग्राम पंचायतों के विकास कार्य बाधित होंगे।

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