
यूपी के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी के दो भाई भी हैं आईएएस, बड़े भाई हैं इस राज्य के मुख्य सचिव, भाभी दो कदम आगे
महेन्द्र प्रताप सिंह
राजेंद्र कुमार तिवारी उप्र के मुख्य सचिव बनाए गए हैं। 31 अगस्त 2019 को अनूप चंद्र पांडेय के सेवानिवृत्त होने के बाद से राजेंद्र कुमार तिवारी कार्यवाहक मुख्य सचिव के रूप में कार्य कर रहे थे। वर्ष 1985 बैच के आईएएस अधिकारी राजेंद्र कुमार को 14 फरवरी को विधिवत मुख्य सचिव बनाया गया। केंद्र सरकार ने उनके नाम को मंजूरी दी थी। राजेंद्र तिवारी यूपी के कार्यवाहक मुख्य सचिव के साथ-साथ कृषि उत्पादन आयुक्त और अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा की भी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी यूपी की प्रशासनिक सेवा में रहते हुए अब तक कई महत्वपूर्ण पदों का निर्वहन कर चुके हैं। उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, श्रम, वाणिज्य कर, श्रम एवं सेवायोजन, आईटी एवं इलेक्ट्रानिक और गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव व सचिव तथा आयुक्त पद पर इन्होंने कार्य किया है। इसके पहले गोरखपुर के मंडलायुक्त और सुलतानपुर, मीरजापुर, आगरा के जिलाधिकारी के पद पर भी तैनात रहे हैं। भारत सरकार में संयुक्त सचिव कृषि एवं कारपोरेशन विभाग में भी तैनात रहे हैं। सभी जगहों में समयबद्धता के साथ काम करने का इनका रिकार्ड रहा है। चुपचाप काम करने की इनकी शैली रही है।
राजेंद्र तिवारी बुंदेलखंड के महोबा के रहने वाले हैं।
वर्ष 1985 बैच के आईएएस राजेंद्र कुमार तिवारी का जन्म मलकपुरा मुहल्ले में हुआ। इनका परिवार बहुत पढ़ा-लिखा और संपन्न है। पड़ोसियों से खास लगाव रखने वाले तिवारी बचपन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी बढ़चढकऱ भाग लिया करते थे। पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहने वाले राजेंद्र के पिता गया प्रसाद तिवारी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य रहे हैं। जबकि, राजेंद्र के दो भाई भी आईएएस हैं। कला व अभिनय में खासी रूचि रखने वाले राजेंद्र कभी रामलीला में लक्ष्मण का रोल भी निभा चुके हैं। 56 वर्षीय राजेंद्र कुमार तिवारी की आइएएस में यूपी काडर में नियुक्ति हुई। जबकि बड़े भाई देवेंद्र कुमार तिवारी झारखंड राज्य में मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं। छोटे भाई धीरेन्द्र तिवारी पंजाब राज्य में प्रमुख सचिव के पद पर अधीनस्थ हैं। इनकी बड़ी भाभी केंद्र सरकार में सचिव हैं।
ईमानदारी और मेहनत को अपने जीवन का मूलमंत्र मानने वाले आरके तिवारी काम के प्रति जुनून रखते हैं। अपनी प्रारंभिक शिक्षा ललितपुर में पूरी करने के बाद यह उच्च शिक्षा के लिए यह ललितपुर से बाहर निकले। बीटेक इलैक्ट्रिकल से करने के बाद एमए की पढ़ाई की। यूके से इन्होंने प्रशासन और सरकार विषय में विशेषज्ञता हासिल की। नौकरी में आने के बाद तिवारी की पहली पोस्टिंग कानपुर में सीडीओ के पद पर हुई। इसके बाद अयोध्या के भी सीडीओ रहे। अपनी नौकरी में ज्यादा समय तक लखनऊ में रहे तिवारी के लिए अब मुख्य सचिव के रूप में बड़ी चुनौती है। देश के सबसे बड़े राज्य का मुख्य सचिव होना न केवल गर्व बल्कि जिम्मेदारी की बात है। देखना होगा मुख्य सचिव के रूप में आरके तिवारी का कार्यकाल कैसे याद किया जाता है।
Published on:
14 Feb 2020 05:20 pm
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