
मौलाना यासूब अब्बास कौन हैं, जिन्होंने योगी से कहा जन्माष्टमी की तरह मोहर्रम में मिले छूट
लखनऊ. शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना यासूब अब्बास ने एक बार फिर एक नए मुद्दे का हवा दे दी है। मौलाना यासूब अब्बास ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ से कहाकि, कोरोना काल में जिस तरह जन्माष्टमी का त्यौहार मनाने के लिए नाइट कर्फ्यू से छूट दी गई है उसी तरह से मुस्लिम को मोहर्रम में छूट मिलनी चाहिए। इसके लिए यासूब अब्बास ने सीएम योगी को खत लिखा है। पर रोजाना नए मुद्दे उठाने वाले मौलाना यासूब अब्बास आखिरकार हैं कौन?
यासूब अब्बास कौन?
मिर्जा मोहम्मद मौलाना यासूब अब्बास एक इस्लामिक मौलवी हैं। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड (AISPLB) के वक्ता हैं। अब्बास शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी है। वह इंडिया इस्लामिक कल्चर सेंटर, दिल्ली और शिया कॉलेज, लखनऊ के सदस्य हैं। वह इस्लामिक विद्वान भी हैं और इस्लाम पर भाषण देते हैं।
सीएम योगी को लिखा खत :- सीएम योगी की सख्त इंतजामात की वजह से कोरोना संक्रमण इस वक्त अंकुश में है। इसी को देखते हुए ऑल इंडिया शिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने मोहर्रम में रात्रि में होने वाली सभी मजलिसों शब्बेदारियों के लिए कोरोना कर्फ्यू में ढील देने की मांग की है।
कृष्ण जन्माष्टमी में मिली थी छूट :- यूपी में इस वक्त कोरोना महामारी की वजह से नाइट कर्फ्यू है। पर योगी सरकार ने कृष्ण जन्माष्टमी के चलते बीते सोमवार को रात 10:00 बजे से मंगलवार सुबह 6:00 बजे तक नाइट कर्फ्यू में छूट दी थी। कृष्ण जन्माष्टमी पर होने वाले सभी कार्यक्रमों में कोरोना गाइडलाइन का पालन करने को कहा गया था।
लगातार चर्चा में रहते हैं यासूब अब्बास :- यासूब अब्बास का यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने पत्र लिखकर धार्मिक संबंध में सीएम योगी से मांग की है। अप्रैल 2021 के महीने में उन्होंने सीएम योगी को पत्र लिखकर 19वें और 21वें रमजान पर जुलूस निकालने की इजाजत मांगी थी। मौलाना यासूब अब्बास ने योगी आदित्यनाथ को पत्र में जुलूस निकलने के लिए कई कारण गिनवाए। जिसमें उन्होंने लिखा कि अगर योगी सरकार कोरोना गाइडलाइन के साथ राज्य में पंचायत चुनाव करवा सकती है तो प्रोटोकॉल का पालन करते हुए रमजान का जुलुस निकालने की अनुमति भी दे सकती है।
Published on:
02 Sept 2021 10:48 am

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