
Mafia
Who is mafia: माफिया, सरगना और गैगस्टर शब्द इन दिनों खूब चर्चा में है। चाहे विधान सभा में बोला गया हो कि माफिया को मिट्टी में मिला देंगे या जनसभाओं में मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्रियों द्वारा बोला जा रहा हो। यहां तक कि विपक्ष के नेताओं ने भी माफिया शब्द का खूब प्रयोग किया है और पिछले दो माह से समाचारों के माध्यम से भी यह शब्द सुर्खियों में बना हुआ है। माफिया अतीक अहमद या गैंगस्टर एक्ट में मुख्तार अंसारी रहा हो, अथवा पश्चिम यूपी के माफिया रहे हों, एसटीएफ, यूपी पुलिस और सरकार से लेकर मीडिया तक खूब चर्चा होती रही है।
आखिर किसे कहते हैं माफिया?
माफिया का मतलब संगठित अपराधियों से है। जो योजना बनाकर वारदातों को अंजाम देते हैं। हत्या, धनउगाही, धमकाना और हथियारों के दम पर अपनी बात मनवाने वाले संगठित गिरोह के संचालकों को माफिया कहा जाता है। माफिया एक प्रकार से वह अपराधी है, जो अन्य गुंडे और अपराधियों को गिरोह में शामिल करता है। ऐसे गिरोह कई तरह की वारदातों को योजनाबद्घ तरीके से अंजाम देते हैं। इसके अलावा कई प्रकार के व्यवसायों में भी अपनी अवैध कमाई निवेश करते हैं। जहां इनका दबदबा होता है। यानी उस व्यवसाय में निवेश करने वाले दूसरे लोग इस गिरोह से डरते हैं और इनके सामने आने से बचते हैं। उसे माफिया कहा जाता है।
इटैलियन शब्द है माफिया
वास्तव में यह इटैलियन शब्द है और सबसे पहले इसका प्रयोग इटली में किया गया है। अपराधियों में जो लीडर हुआ करता था उसे माफिया कहा गया। दुनिया के अनेक देशों में माफिया शब्द प्रचलन में है, अलग-अलग भाषाओं में जैसे जापान में माफिया को यकुजा कहते हैं तो चीन में त्रियाद कहा जाता है। रूस में ब्रटवुस्र्ट कहा जाता है तो माफिया को मैक्सिको और नाईजीरिया में एफवाई गैंग, दक्षिण अमेरिका में ड्रग कार्टेल तो अफ्रीकी देशों में गैंग, द यार्डी या ट्राईडेंट कहा जाता है।
अब बताते हैं कि गैंगस्टर कौन होता है?
गैंगस्टर और माफिया में कोई खास फर्क नहीं है। गैंगस्टर के भी सभी कार्य लगभग माफिया जैसे ही होते हैं। संगठित अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए साल 1986 में सरकार ने गैंगस्टर एक्ट बनाया। इस एक्ट के तहत ऐसे संगठित अपराधियों का पूरा ब्योरा एकत्रित किया जाता है। इसके बाद एक लंबी प्रक्रिया के बाद उनपर यह एक्ट लगाकर उन्हें जेल में निरुद्घ किया जाता है। आइए आपको इसकी प्रक्रिया बताते हैं।
कैसे घोषित होते हैं गैंगस्टर?
किसी अपराधी को गैंगस्टर घोषित करना आसान नहीं है। इसकी एक पूरी प्रकिया है जो कई चरणों में पूरी होती है। जैसे किसी को गैंगस्टर घोषित करने से पहले किसी थाना क्षेत्र में होने वाले आपराधिक वारदातों का एक चार्ट तैयार किया जाता है। इस चार्ट से पता लगाया जाता है कि कौन-कौन से अपराधी एक गैंग से हैं और कौन दूसरे गैंग से है।
चार्ट तैयार होने के बाद इसे संबंधित जिले के जिलाधिकारी को भेजा जाता है। लेकिन इसके पहले थाना प्रभारी यह चार्ट सर्किल आफिसर को देता है, उसके बाद संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक को यह चार्ट भेजा जाता है। इसके बाद यह जिलाधिकारी के पास आता है। जिलाधिकारी समाधान होने के बाद किसी अपराधी को गैंगस्टर घोषित कर देता है।
सरगना और इनामी
सरगना फारसी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ मुखिया से होता है अथवा लीडर से कहा जाता है। किंतु आपराधिक गतिविधियों के लिए यह शब्द अब रूढ़ हो गया है। ज्यादातर इसका प्रयोग नकारात्मक अर्थो में ही किया जाने लगा है जैसे चोरों का सरगना या डाकुओं का सरगना आदि प्रयोग किया जाता है।
इसी प्रकार इनामी बदमाश या अपराधी उसे कहा जाता है जिसकी गिरफ्तारी पर पुरस्कार उसे दिया जाता है जो उसका पता- ठिकाना बताने में पुलिस की मदद करता है। वास्तव में ऐसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है जिसमें इनाम घोषित किया जाता है बल्कि अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की ओर से विभिन्न स्तर पर इनाम घोषित किया जाता है।
Updated on:
09 May 2023 01:59 pm
Published on:
09 May 2023 09:59 am
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