
लखनऊ. राजधानी के हजरतगंज चौराहे पर शनिवार सुबह एक युवक ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। जब तक लोग कुछ समझ पाते उन्नाव निवासी महेश रावत आग की लपटों में घिर चुका था। ट्रैफिक जहां का तहां थम गया। आनन-फानन में पुलिसकर्मियों ने युवक को कंबल ओढ़ाकर आग पर काबू पाया। बेहोशी की हालत में उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आत्मदाह के प्रयास की वजह एक बार फिर वही है.. आरोप लग रहे हैं कि जिलों में बैठे अधिकारी बात नहीं सुनते। होश में आने पर युवक ने हसनगंज तहसील, चकबंदी अधिकारी और कर्मचारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
महेश रावत उन्नाव जिले के हसनगंज क्षेत्र के मलझा का रहने वाला है। इंस्पेक्टर हजरतगंज श्यामबाबू शुक्ला ने बताया कि महेश साइकिल से सुबह हजरतगंज चौराहे पर पहुंचे। पैतृक संपत्ति को लेकर महेश का परिवार के ही सुखलाल से करीब 20 साल से विवाद चल रहा है। सीओ चकबंदी के यहां उनका मामला लम्बित है।
उन्नाव जिलाधिकारी बोले- जांच में बाद होगी कार्रवाई
महेश के मुताबिक वह इस सम्बंध में जिलाधिकारी से लेकर अन्य अफसरों को प्रार्थनापत्र दे चुके हैं पर कोई सुनवाई नहीं हुई। सुखलाल आए दिन धमकाते भी रहते हैं। मामले में उन्नाव के जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने कहा कि फिलहाल कब्जे जैसी कोई बात नहीं है, जांच के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।
Updated on:
06 Nov 2021 04:23 pm
Published on:
06 Nov 2021 04:19 pm
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