30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लखनऊ की गौशाला में छह महीने में एक हजार से अधिक गौवंशों की भूख से मौत

लखनऊ की गौशाला में छह महीने में एक हजार से अधिक गौवंशों की भूख से मौत  

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Anil Ankur

Oct 09, 2017

kanha Gaushala

kanha Gaushala

अनिक के. अंकुर

लखनऊ. यूपी की राजधानी लखनऊ में नगर निगम के गौशाला में छह महीने में नौ सौ से अधिक गौवंशों की मौत होने की खबर है। गौशाला की देख-रेख कर रही संस्था ने अब अपने हाथ खड़े कर दिए हैं और सरकार से कहा है कि वे अब इस गौशाला नहीं चला सकते। वहीं नगर निगम ने भी संस्था से मदद करने के लिए मना कर दिया है। राजधानी लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट के पास नगर निगम द्वारा कान्हा उपवन नाम से एक गौशाला विकसित की गई थी।

करीब पांच साल पहले जीवाश्रय समिति को इस गौशाला के चलाने की जि मेदारी दी गई थी। 57 एकड़ में बने इस गौशाला में इस समय करीब 2800 गायें हैं। हर रोज यहां करीब 40 गायों की आमद होती है, लेकिन हालत यह है कि इन गायों के खाने की कोई व्यवस्था इस गौशाला में नहीं है।

हर रोज मर रहीं 5 गाय


गौशाला के सचिव ने आरोप लगाया है कि गौशाला में हर रोज कम से कम पांच गौवंशों की भूख और बीमारी से मौत हो रही है। इस गौशाला का काम देख रही संस्था के सचिव एके त्रिवेदी ने बताया कि अप्रैल से उनकी संस्था को सरकार ने गायों की देखरेख के लिए एक पैसा नहीं दिया है, जिसके कारण गायों के खाने का उचित प्रबन्ध नहीं हो पा रहा है। उन्होंने पुष्टि की कि भूख और बीमारी के कारण गायों की मौतें हो रही हैं। गौशाला के दस्तावेजों के अनुसार अप्रैल से अब तक देखा जाए तो नौ सौ गौवंशों की मौत हो चुकी है।

जीवाश्रय संस्था के सदस्य जयकेश त्रिपाठी ने बताया कि अब राज्य गौसेवा आयोग से गौशाला के लिए 50 रुपए प्रति गाय के हिसाब से पैसा आना था, लेकिन अप्रैल से पैसा न मिलने के कारण गौवंश की रक्षा का काम नहीं हो पाया। यही कारण है कि इतनी बड़ी सं या में गायों की मौत केवल एक गौशाला में हो रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उनकी संस्था कई बार शासन और आयोग को सूचित कर चुकी है, लेकिन सरकार द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया है।

सीएम को दी सूचना


सरकार बनने के बाद कान्हां उपवन गौशाला सीएम योगी आदित्यनाथ गए थे और उन्होंने वादा किया था कि गायों व गौवंश की सुरक्षा व खाने के लिए सरकार द्वारा हर संभव मदद की जाएगी, पर विभागीय अधिकारियों द्वारा सीएम के आदेश के बाद भी ऐसा नहीं किया गया। इस गौशाला में एक अस्पताल है, जिसमें पशुओं के उपचार के लिए प्रयाप्त संसाधन भी नहीं हैं।

जांच करने के निर्देश दिए गए हैं


नगर निगम की ओर से लक्ष्मण गौशाला को 40 रुपए प्रति गाय के हिसाब से खर्च दिया जा रहा है। कान्हा उपवन में मर रहीं गायों के मामले में पशु चिकित्साधिकारी को जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
-उदयराज सिंह, नगर आयुक्त

Story Loader