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लखनऊ. बसपा को नगर निगम चुनाव में भले ही केवल दो ही मेयर मिलें हैं। लेकिन उनकी यह दो सीट काफी कुछ कहती है। आपको बता दें कि बसपा ने मेरठ और अलीगढ़ की सीट पर अपना कब्जा जमा लिया है। यहां से दोनो मेयर बसपा के जीते हैं। वहीं इस चुनाव में सपा साफ हो गई है। लोकसभा चुनाव में बीएसपी को यूपी से एक भी सीटें नहीं मिली थीं, वहीं यूपी विधानसभा चुनाव में बसपा को केवल १९ सीटों से ही संतोष करना पड़ा है, लेकिन निकाय चुनाव में बीएसपी के दो मेयर जीते हैं। यह जीत बीएसपी के लिए काफी अच्छी मानी जा रही है। जहां यूपी विधानसभा चुनाव में बसपा काफी कम सीटें जीती थीं। वहीं बसपा सुप्रीम मायावती यूपी में अपनी पार्टी के प्रदर्शन से काफी खुश नजर आ रही हैं। उन्होंने कहा कि दलितों को सत्ता की चाबी अपने हाथ में लेनी होगी। बसपा ने हमेशा दलितों एवं पिछड़े वर्गों का ध्यान रखा है।
मायावती शुक्रवार को जयपुर में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। मायावती ने ईवीएम मशीन में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए लोकसभा चुनाव समय से पहले होने की आशंका जताते हुए कहा कि मोदी सरकार घटती लोकप्रियता को देखते हुए जल्दी चुनाव करा सकती है। उन्होंने राजस्थान विधानसभा चुनाव के साथ ही लोकसभा चुनाव कराए जाने की संभावना जताते हुए कार्यकर्ताओं से चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। मायावती ने कहा कि ईवीएम में गड़बड़ी करके यूपी में बसपा को कमजोर किया गया, हर चुनाव में बसपा को कमजोर करने के प्रयास होते हैं।
...तो राज्यसभा की सभी सीटें धन्ना सेठों को देती
टिकट वितरण में पैसे लेने के आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि विरोधी लोग मेरी छवि खराब करने के लिए पार्टी फंड में पैसा एकत्रित करने के तरीके पर दुष्प्रचार करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि मुझे व्यक्तिगत धन एकत्रित करना होता तो राज्यसभा की सभी सीटें धन्ना सेठों को देती। मायावती ने कहा कि भाजपा के राज में ना तो नया भारत बन सकता है और ना ही वंचितों एवं अल्पसंख्यकों के लिए काम हो रहे हैं।
Published on:
02 Dec 2017 11:45 am
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