दरअसल, यह सब क्यों हो रहा है। यूपी में दलितों की आबादी करीब 17 प्रतिषत दलित वोट हंै। इनमें पूरा बंुदेलखंड, आगरा, अलीगढ, चित्रकूट, बस्ती, फतेहपुर, गाजीपुर, चंदोली, जौनपुर जालोन, हरदोई हमीरपुर और बाराबंकी समेत तीन दर्जन ऐसे जिले हैं जहां दलितों की आबादी 21 प्रतिषत से लेकर 29 प्रतिषत तक है। बीते दो दषकों से यूपी में इन वोटों पर मायावती का एक छत्र राज चलता चला आ रहा था। पिछले लोकसभा चुनाव में मोदी का जादू हर जाति पर सिर चढकर बोला था, वह फिर से उसका भय यूपी के सियासी दलों को लगने लगा है। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित बसपा दिख रही है। यही कारण है कि मायावती इस मुद्दे पर मुखर हो गई हैं।