उत्तर प्रदेश की कुल आबादी का 21 प्रतिशत हिस्सा दलित है। यह वर्ग बसपा का पारंपरिक वोट बैंक है। लेकिन, मायावती यह जानती हैं कि केवल दलित वोटों के दम पर यूपी का चुनावी रण नहीं जीता जा सकता। इसीलिए मायावती कोई सॉलिड वोट बैंक तलाश रही हैं जिसके गठबंधन से सत्ता हासिल की जा सके। 11 प्रतिशत ब्राह्मण वोट बैंक को ध्यान रखते हुए 2007 और 2012 के विधानसभा चुनावों में मायावती ने ब्राह्मण कार्ड खेला था।2012 के चुनावों से सबक लेकर इस बार मायावती मुस्लिम वोट बैंक को साधने की कोशिश भी कर रही हैं। क्योंकि सपा से टूटकर अगर मुस्लिम वोट बैंक बसपा से जुड़ा तो विधानसभा की तस्वीर बदल सकती है।